नई दिल्ली- भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट के जजों, केंद्रीय मंत्रियों तथा वरिष्ठ न्यायविदों की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक क्षण पूरा हुआ।
कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत?
हरियाणा के रहने वाले जस्टिस सूर्यकांत अपनी सटीक, संवेदनशील और संतुलित न्यायिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाईकोर्ट जज के तौर पर अपनी सेवा शुरू की थी और बाद में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया।
कब तक रहेगा कार्यकाल?
मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा। इस अवधि में उनसे कई महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों पर निर्णय की उम्मीद की जा रही है। न्यायिक सुधार, तकनीक के माध्यम से कोर्ट प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण और न्याय तक आम जनता की आसान पहुंच जैसे कई विषय उनकी प्राथमिकताओं में रहेंगे।

शपथ समारोह में क्या रहा खास?
- समारोह राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में आयोजित हुआ
- कानून मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे
- सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान तथा पूर्व जज भी उपस्थित
- शपथ के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा बधाई संदेश
न्यायपालिका पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस सूर्यकांत का अनुभव और न्यायिक दृष्टिकोण भारतीय न्याय प्रणाली को नई दिशा देगा। विशेषकर लंबित मामलों को कम करने के लिए उनकी रणनीतियाँ महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
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