दक्षिण अफ्रीका दौरे में टीम इंडिया का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। नई कोचिंग जिम्मेदारी संभाल रहे गौतम गंभीर पर लगातार सवाल उठने लगे हैं। कईपूर्व खिलाड़ियों ने भी टीम की रणनीति पर उंगली उठाई है। गंभीर के कुछ फैसले ऐसे रहे, जिनका सीधा असर टीम की लय, बैलेंस और मनोबल पर दिखा। यहाँ जानते हैं वे पाँच बड़े ‘ओवर’ यानी पाँच फैसले जिन्होंने टीम इंडिया की हालत बिगाड़ दी।
1. ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बार-बार बदलाव
सीरीज के दौरान सबसे बड़ी गलती ओपनिंग जोड़ी में लगातार बदलाव रही। कभी युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया, तो कभी अनुभवी बल्लेबाजों को बाहर बैठा दिया गया। इससे टीम के टॉप ऑर्डर में स्थिरता नहीं आ पाई। ओपनर लगातार दबाव में नजर आए और शुरुआत कमजोर होने से पूरी टीम परेशान रही।
2. मध्यक्रम में गलत प्रयोग
गंभीर ने मिडिल ऑर्डर में नए प्रयोग किए, लेकिन अधिकांश सफल नहीं रहे। कुछ बल्लेबाज़ों को उनकी नैचुरल पोजिशन से ऊपर या नीचे भेजा गया, जिससे वे अपनी लय नहीं पकड़ सके। नतीजा, महत्वपूर्ण मौकों पर टीम को जरूरी रन नहीं मिले और साझेदारियों का अभाव देखने को मिला।
3. गेंदबाजों का गलत रोटेशन
पेस अटैक और स्पिनर्स का रोटेशन भी चर्चा में रहा। गंभीर ने कुछ मैचों में इन-फ़ॉर्म बॉलर्स को आराम दिया और नए चेहरों को आज़माया। इससे बॉलिंग यूनिट में तालमेल बिगड़ गया। खासकर डेथ ओवर्स में गेंदबाज लय खोजते नज़र आए और टीम को भारी नुकसान हुआ।

4. रणनीतियों में अत्यधिक आक्रामकता
गंभीर अपने आक्रामक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थियों में उनकी अति-आक्रामक योजनाएँ उलटी पड़ गईं। चाहे फील्डिंग सेटिंग हो या पावरप्ले की रणनीति, कई जगह टीम ने जोखिम अधिक लिया और फायदा कम मिला। सीनियर खिलाड़ियों ने भी इसे टीम पर अतिरिक्त दबाव बताया।
5. बेंच स्ट्रेंथ पर अत्यधिक निर्भरता
टीम इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत है, लेकिन गंभीर ने मुख्य खिलाड़ियों को बार-बार आराम देकर नई टीम संयोजन तलाशने की कोशिश की। नतीजतन टीम का कोर ग्रुप एक साथ कम खेल पाया और मैदान पर समन्वय की कमी स्पष्ट दिखी। महत्वपूर्ण मैचों में अनुभव की कमी खली।
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