हांगकांग में गुरुवार देर रात एक भीषण अग्निकांड ने शहर को दहला दिया। शहर के व्यस्त रिहायशी इलाके में स्थित कई अपार्टमेंट ब्लॉक्स में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। इस हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 279 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में कई मंज़िलों को अपनी चपेट में ले लिया। इमारतों के बाहर धुआं उठता देख लोगों में भगदड़ मच गई। कई निवासी अपनी खिड़कियों और बालकनी में मदद के लिए चिल्लाते दिखाई दिए। फायर डिपार्टमेंट की करीब 20 से अधिक टीमों को आग पर काबू पाने के लिए तैनात किया गया। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।अधिकारियों ने बताया कि आग की शुरुआत किस वजह से हुई, इस पर अभी जांच चल रही है, हालांकि शुरुआती शक शॉर्ट सर्किट या गैस लीक की ओर इशारा कर रहा है। घनी आबादी वाले इलाके और ऊंची इमारतों ने आग को फैलने में मदद की, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया।स्थानीय अस्पतालों में घायलों को भर्ती कराया जा रहा है। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। लापता लोगों की तलाश के लिए स्पेशल रेस्क्यू यूनिट्स को लगाया गया है, जो फ्लोर-टू-फ्लोर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हांगकांग सरकार ने इस घटना को “अभूतपूर्व त्रासदी” बताया है और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह आग न सिर्फ शहर के इतिहास में सबसे बड़े हादसों में से एक बन गई है, बल्कि इसने हांगकांग की ऊंची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल शहर में शोक और चिंता का माहौल है, और अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके।
कुछ ही पलों में फैली आग, निवासियों को मौके तक नहीं मिला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोग भागने तक का रास्ता नहीं ढूंढ पाए। कई परिवार रात के समय गहरी नींद में थे। अचानक धुएं की बदबू और अलार्म बजने की आवाज़ ने उन्हें जगाया, लेकिन उस समय तक आग कई फ्लोर को अपनी चपेट में ले चुकी थी।कुछ लोग खिड़कियों और बालकनियों पर आकर मदद के लिए चिल्लाते दिखे। भीषण धुएं ने कई को बेहोश कर दिया, जबकि कुछ ने जान बचाने के प्रयास में नीचे कूदने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग की ऊंची लपटें और लोगों की चीख-पुकार का भयावह दृश्य साफ देखा जा सकता है।
फायर डिपार्टमेंट की 20 से ज्यादा टीमें तैनात, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फायर डिपार्टमेंट को रात 1:30 बजे के करीब सूचना मिली। थोड़ी ही देर में करीब 20 से अधिक दमकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। जवानों ने आग की लपटों को नियंत्रित करने के लिए कई दिशाओं से पानी की बौछारें शुरू कीं। ऊंची इमारतें होने से बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया।रेस्क्यू टीमें फ्लोर-टू-फ्लोर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। धुएं और गर्मी की वजह से उन्हें बार-बार रुककर रास्ते साफ करने पड़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया है कि कई अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोग अब भी फंसे हो सकते हैं।

अस्पतालों में इमरजेंसी अलर्ट
हांगकांग सरकार ने सभी नजदीकी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी है। सैकड़ों लोगों को धुएं के कारण श्वसन संबंधी समस्याओं, जलने और बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया है। कई घायल अब भी गंभीर स्थिति में हैं। मेडिकल टीमों को अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
आग कैसे लगी? जांच जारी, शुरुआती शक इलेक्ट्रिक फॉल्ट पर
अग्निकांड के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। हालांकि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट, पुरानी वायरिंग या किसी गैस सिलेंडर लीक की संभावना जताई जा रही है। इस इलाके के अपार्टमेंट्स में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि घनी आबादी और सीमित निकास मार्ग ऐसी घटनाओं में जानलेवा साबित होते हैं। कई भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण अपडेट नहीं थे, जो आग को बढ़ने से रोक सकते थे।
सरकार ने इसे ‘अभूतपूर्व त्रासदी’ बताया
हांगकांग प्रशासन ने इसे पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी बताया है। सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत कोष जारी किया है और बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उच्च स्तरीय समिति बनाकर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। हांगकांग चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा, “यह शहर के लिए एक काला दिन है। हम सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। हर संभव संसाधन लगाए जा रहे हैं।”
इलाके में शोक और दहशत का माहौल
हादसे के बाद पूरा इलाका पुलिस और रेस्क्यू टीमों से घिरा हुआ है। लापता लोगों के परिजन एक कम्युनिटी सेंटर में जमा हैं, जहां अधिकारियों ने जानकारी अपडेट करने के लिए हेल्प डेस्क बनाए हैं। लोग रो रहे हैं, एक-दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं और अपने परिवार वालों से किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। कई निवासियों ने बताया कि उन्होंने ऐसा भयावह दृश्य पहले कभी नहीं देखा। कुछ लोग अपने मोबाइल फोन पर लगातार कॉल कर रहे हैं, उम्मीद में कि उनका परिवार किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया हो।
अभी भी जारी है खोज, अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण
रेस्क्यू अधिकारियों का कहना है कि आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। टीमें इमारतों के मलबे और मंज़िल-दर-मंज़िल तलाशी में जुटी हैं। धुएं के कारण विजिबिलिटी कम होने से काम मुश्किल हो रहा है, लेकिन बचाव दल उम्मीद नहीं छोड़ रहे।
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