राम मंदिर में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम पर पाकिस्तान की ओर से आए बयान को भारत ने पूरी तरह “अनुचित, भड़काऊ और तथ्यहीन” बताया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस समारोह पर टिप्पणी करते हुए अनावश्यक राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मामलों पर बयानबाज़ी करने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत ने कहा, ‘अपने घर की हालत सुधारें, भारत पर ज्ञान न दें’
भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड खुद उसके आंतरिक हालात, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और चरमपंथ को बढ़ावा देने की नीतियों से भरा हुआ है। ऐसे देश को भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक कार्यक्रमों पर टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।भारतीय प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर का निर्माण और उससे जुड़े धार्मिक आयोजन भारत के करोड़ों नागरिकों की आस्था से जुड़े हैं। यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ध्वजारोहण समारोह पर बेवजह बयानबाज़ी
पाकिस्तान ने राम मंदिर पर फहराए गए ध्वज को लेकर बयान दिया था, जिसे भारत ने “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित” बताया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान हर बार भारत के आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी कर अपनी असफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करता है।

भारत ने फिर याद दिलाया, ‘आतंकवाद पर कार्रवाई करें, दूसरे देश पर भाषण न दें’
भारत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश में पल रहे आतंकवाद, आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए। दुनिया अच्छी तरह जानती है कि पाकिस्तान किस तरह से चरमपंथी संगठनों को संरक्षण देने के आरोपों से घिरा हुआ है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर का ध्वजारोहण एक शांति, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसे विवादित बनाने की कोशिश पाकिस्तान की पुरानी आदत है, लेकिन भारत इससे प्रभावित नहीं होता।
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