पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर भारी उथल-पुथल में है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने देश के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। PTI का कहना है कि इमरान खान को जेल में न सिर्फ प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें खत्म करने की साज़िश भी रची जा रही है।
आखिर PTI के आरोप क्या हैं?
PTI ने दावा किया है कि
- अदियाला जेल में इमरान खान को solitary confinement में रखा गया है।
- उन्हें पर्याप्त दवा, भोजन और चिकित्सा सहायता नहीं दी जा रही।
- मुलाक़ात की अनुमति सीमित कर दी गई है, जिससे उनकी हालत पर संदेह और बढ़ गया है।
- पार्टी का आरोप है कि यह सब सेना प्रमुख असीम मुनीर के इशारे पर किया जा रहा है।
PTI नेताओं का कहना है कि इमरान खान की जान को “गंभीर खतरा” है और अगर उनके साथ कुछ हुआ तो “पूरा ज़िम्मा असीम मुनीर पर होगा।”
इमरान खान और असीम मुनीर की दुश्मनी, एक पुरानी कहानी
इमरान खान और जनरल मुनीर के बीच तनाव नया नहीं है।
- 2019 में, इमरान खान ने मुनीर को ISI प्रमुख के पद से अचानक हटा दिया था।
- बताया जाता है कि मुनीर ने तत्कालीन प्रथम महिला से जुड़े कुछ मामलों पर रिपोर्ट दी थी, जिससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए।
- 2022 में जब मुनीर सेना प्रमुख बने, तो इमरान को यह नियुक्ति पसंद नहीं आई।
- इसके बाद 9 मई के दंगे, कानूनी मुक़दमे, जेल, सबने इस लड़ाई को और भड़का दिया।
अब यह राजनीतिक संघर्ष एक सीधी प्रतिद्वंद्विता में बदल गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

क्या वाकई इमरान खान की जान को खतरा है?
PTI लगातार दावा कर रही है कि उनके नेता की हालत खराब है और उन्हें मारने की कोशिश की जा रही है।
हालाँकि,
- न सेना
- न सरकार
इन आरोपों की पुष्टि करती है।
लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर सब कुछ ठीक है, तो जेल प्रशासन परिवार और वकीलों को नियमित मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं देता?
जेल में गुप्तता, मेडिकल रिपोर्ट्स का न आना और मुलाक़ातों पर रोक, ये सभी चीजें रहस्य को और गहरा करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
PTI ने संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय संघ समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तान में
- राजनीतिक स्वतंत्रता
- न्यायिक पारदर्शिता
- जेलों की स्थिति
को लेकर चिंता जताई है।
आगे क्या?
इमरान खान की गिरफ्तारी और उन पर बढ़ते आरोप पाकिस्तान की स्थिरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
क्या यह मामला
- न्यायिक रास्ते से सुलझेगा
या - राजनीतिक टकराव और बढ़ेगा?
यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
लेकिन एक बात तय है, इमरान खान और असीम मुनीर की यह लड़ाई अब सिर्फ दो व्यक्तियों की नहीं रही; यह पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता संरचना की दिशा तय करने वाली जंग बन चुकी है।
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