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महाकुंभ ने बदल दी नाविकों की जिंदगी, एक दिन में होती थी 15000 रुपये की कमाई…

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महाकुंभ ने बदल दी नाविकों की जिंदगी, एक दिन कम से कम होती थी 15000 रुपये की कमाई…
महाकुंभ ने बदल दी नाविकों की जिंदगी, एक दिन कम से कम होती थी 15000 रुपये की कमाई…
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Edited by: Vandana Ravindra.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ-2025 का सफल और भव्य आयोजन किया गया। इस बार के महाकुंभ में करीब 60 करोड़ लोगों ने पवित्र स्नान किया। महाकुंभ को लेकर खूब सियासत भी हुई।

एक तरफ जहां सरकार ने हर मंच से महाकुंभ के भव्य और दिव्य आयोजन की सफलता का बखान किया, सरकार की ओर से इस महाकुंभ को लेकर कई उपलब्धियों को गिनवाया गया तो वहीं विपक्ष की ओर से महाकुंभ के दौरान हुए लोगों की मौत और मृतकों की संख्या साथ ही इसकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रश्नचिन्ह खड़े किए गए।

सीएम योगी ने विधानसभा में बताया कि, राज्य सरकार को इस धार्मिक आयोजन से बड़ी मात्रा में रेवेन्यू जेनरेट हुआ है. साथ ही स्थानीय लोगों की भी अच्छी कमाई हुई है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि, कैसे एक नाविक महाकुंभ के दौरान करोड़पति बन गया। महाकुंभ में नाविकों की हुई कमाई को लेकर नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू लाल निषाद ने कहा कि, ‘महाकुंभ का आयोजन हम नाविकों के लिए मां गंगा और मां यमुना का आशीर्वाद की तरह रहा। महाकुंभ के वक्त एक नाविक की एक दिन की सबसे कम आमदनी करीब 15,000 रुपए थी।

विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि, ‘महाकुंभ में पिंटू महरा नाम के एक नाविक और उसके परिवार के पास 130 नावें थीं, और पूरे महाकुंभ यानी 45 दिनों में उसने 30 करोड़ रुपए की कमाई की। दिनभर में नाव चलाकर उसने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई की। महाकुंभ में हुई कमाई से वो और उनकी माता शुक्लावती काफी प्रसन्न हैं. ये लोग मूल रूप से प्रयागराज के नैनी के अरैल का रहने वाले हैं।ये महाकुंभ के आयोजन में होने वाली कमाई का एक बेहतरीन उदाहरण है।

सीएम ने बताया कि, ‘इस महाकुंभ के समय धार्मिकता की अहमियत तो बढ़ी ही. साथ ही जॉब के मौके भी बड़े स्तर पर पैदा हुए. 3,500 से ज्यादा बोटों के द्वारा डेढ़ करोड़ भक्तों ने संगम में डूबकी लगाई. ये आंकड़ा अपने आप में ऐतिहासिक है.’

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Ankur Bajpai
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