The Journalist News (Lucknow): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU), जौनपुर में दीक्षांत समारोह-2026 से पहले आयोजित विशेष कार्यक्रमों के तहत गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित एकलव्य स्टेडियम और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भवन में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन राजभवन सचिवालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आगामी दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के छात्र-छात्राएं आगे चलकर वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और राष्ट्रनिर्माता बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा पास करने के उद्देश्य से न करें, बल्कि विषयों को गहराई से समझने का प्रयास करें। यही दृष्टिकोण उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और देश के विकास में योगदान देने के योग्य बनाएगा।

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य पर भी दिया जोर
कुलपति ने छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन दोनों जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से घर का बना संतुलित भोजन खाने और अनावश्यक जंक फूड से बचने का आग्रह किया। उनके अनुसार, अच्छी सेहत ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होती है।
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प्रतियोगिताओं में दिखी ग्रामीण प्रतिभाओं की चमक
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल रहे
- पारंपरिक खेल
- 100 मीटर दौड़
- पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत-गायन और अभिनय
- देशभक्ति गीत
- पारंपरिक लोकनृत्य
- “मेरी माँ” विषय पर भाषण
- निबंध लेखन
- काव्य-पाठ
- चित्रकला प्रतियोगिता
इसके अलावा कक्षा 3 से 8 तथा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग वर्गों में भाषण, चित्रकला (पेंटिंग) और स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
सामाजिक विषयों पर रखा प्रभावी पक्ष
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने अपने गांवों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों पर किए गए कार्यों को प्रभावशाली ढंग से अपने भाषणों में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया। इन विजेताओं को आगामी दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। साथ ही चयनित चित्रों की प्रदर्शनी भी आयोजित होगी और उनका संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिल रहा मंच
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने किया। इस अवसर पर गोद लिए गए विद्यालयों के शिक्षक राम लगन, उमा सिंह, हिना औन रिज़वी, मिथिलेश शर्मा, चंद्र प्रकाश, जितेंद्र कुमार यादव, अवधेश कुमार वर्मा, स्वतंत्र कुमार पटेल, संतोष कुमार और डॉ. आशीष सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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