उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने आरटीई प्रवेश का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार प्रवेश प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा फायदा पात्र बच्चों और उनके अभिभावकों को मिलेगा। खास बात यह है कि आरटीई के तहत दाखिला अब पहली बार आधार कार्ड से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और फर्जीवाड़ा-मुक्त होने की उम्मीद है।
2 फरवरी से शुरू होंगे निजी स्कूलों में दाखिले
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया 2 फरवरी 2026 से शुरू होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और आर्थिक स्थिति उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
तीन चरणों में होगी प्रवेश प्रक्रिया
आरटीई के तहत दाखिले की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। हर चरण में आवेदन, सत्यापन और लॉटरी की प्रक्रिया शामिल होगी।
पहला चरण:
- आवेदन की तिथि: 2 फरवरी से 16 फरवरी
- पहली लॉटरी: 18 फरवरी
दूसरा चरण:
- दूसरी लॉटरी: 9 मार्च
तीसरा चरण:
- तीसरी लॉटरी: 27 मार्च
हर चरण में चयन पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा, जिससे किसी तरह की पक्षपात या अनियमितता की संभावना न रहे।

पहली बार आधार से होगा आरटीई में प्रवेश
इस साल आरटीई दाखिले में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहली बार आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है।
बच्चे का आधार नंबर आवेदन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिससे:
- फर्जी आवेदन रोके जा सकेंगे
- एक बच्चे का एक ही दाखिला सुनिश्चित होगा
- पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी
बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि आधार आधारित सिस्टम से आरटीई योजना का लाभ सही पात्र बच्चों तक पहुंचेगा।
किताब-कॉपी की राशि सीधे खाते में
सरकार ने इस बार आर्थिक सहायता प्रणाली को भी और मजबूत किया है। आरटीई के तहत चयनित बच्चों को मिलने वाली किताब-कॉपी और अन्य शैक्षणिक सामग्री की राशि सीधे आधार लिंक बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे:
- अभिभावकों को राहत मिलेगी
- बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी
- बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सकेगी
निजी स्कूलों में मिलेगा निःशुल्क प्रवेश
आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर पढ़ने वाले बच्चों से:
- कोई फीस नहीं ली जाती
- किताबें और अन्य सुविधाएं सरकार देती है
यूपी में हर साल लाखों बच्चे इस योजना के तहत निजी स्कूलों में दाखिला पाते हैं।
शिक्षा विभाग की तैयारी पूरी
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार,
- पोर्टल को अपडेट कर दिया गया है
- स्कूलों की सूची अपलोड की जा रही है
- हेल्पलाइन और सहायता केंद्र भी सक्रिय रहेंगे
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
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