Home क्राइम NEET में PWD कोटा पाने के लिए युवक ने खुद की पैर की उंगलियां काटीं, जौनपुर की घटना ने चौंकाया देश
क्राइमशिक्षा

NEET में PWD कोटा पाने के लिए युवक ने खुद की पैर की उंगलियां काटीं, जौनपुर की घटना ने चौंकाया देश

Share
Source: cnbctv18
Share

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से सामने आई एक हैरान कर देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। NEET (National Eligibility cum Entrance Test) जैसी देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लाभ पाने के लिए एक युवक ने कथित तौर पर खुद के पैर की उंगलियां काट लीं। इस चौंकाने वाले मामले ने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उस समय सामने आई जब युवक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए दावा किया कि उस पर हमला हुआ है। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सच्चाई कुछ और ही निकली।


कौन है युवक और क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान सूरज भास्कर के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के खलीलपुर का निवासी है। सूरज की उम्र शुरुआती 20 साल बताई जा रही है और वह MBBS का अभ्यर्थी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूरज ने अपने बाएं पैर की चार उंगलियां खुद ही काट दीं। इस दर्दनाक कदम के बाद उसने पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस पर हमला किया और पैर काटकर फरार हो गया।


झूठी शिकायत से शुरू हुई जांच

सूरज की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहले इसे हमले का मामला मानते हुए हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धारा में केस दर्ज कर लिया। अगले दिन युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले की जांच शुरू हुई। हालांकि, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले जिनसे कहानी पूरी तरह बदल गई।


डायरी और मोबाइल डेटा ने खोला राज

पुलिस जांच के दौरान सूरज की व्यक्तिगत डायरी और मोबाइल फोन डेटा की जांच की गई। इसमें ऐसे कई संकेत मिले जिनसे यह साफ हो गया कि यह कोई हमला नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित कदम था। डायरी में सूरज ने कई बार एक ही लाइन लिखी थी:

“I will become an MBBS doctor in 2026.”

पुलिस का कहना है कि सूरज को यह भ्रम था कि यदि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसे PWD (Person with Disability) कोटा के तहत मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है।


NEET में दो बार असफल रहा था सूरज

जांच में यह भी सामने आया कि सूरज दो बार NEET परीक्षा में असफल हो चुका था। लगातार असफलता और मेडिकल कॉलेज में दाखिला न मिलने की हताशा ने उसे यह खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सूरज को लगता था कि PWD सर्टिफिकेट मिलने से उसके MBBS सीट पाने की संभावना बढ़ जाएगी


कानून के शिकंजे में फंस सकता है युवक

फिलहाल सूरज अस्पताल में इलाज के अधीन है। वहीं, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसके खिलाफ:

  • झूठी शिकायत दर्ज कराने
  • पुलिस को गुमराह करने
  • आरक्षण प्रावधानों के दुरुपयोग की कोशिश

जैसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है या नहीं।

अधिकारियों ने साफ किया है कि PWD कोटा का गलत इस्तेमाल एक गंभीर अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।


NEET जैसे एग्जाम्स का बढ़ता मानसिक दबाव

यह घटना एक बार फिर इस सच्चाई को सामने लाती है कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं छात्रों पर कितना जबरदस्त मानसिक दबाव डालती हैं। लाखों छात्र हर साल सीमित सीटों के लिए संघर्ष करते हैं, जहां असफलता कई बार उन्हें अवसाद और आत्मघाती कदमों तक ले जाती है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • लगातार असफलता
  • पारिवारिक अपेक्षाएं
  • सामाजिक दबाव
  • सीमित विकल्प

छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देते हैं।


PWD कोटा को लेकर सख्त जांच की जरूरत

इस घटना ने PWD कोटा आधारित दाखिलों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी करने में
  • मेडिकल बोर्ड की जांच में
  • दाखिला प्रक्रिया में

और ज्यादा पारदर्शिता और सख्ती जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति सिस्टम का गलत फायदा न उठा सके।


समाज और सिस्टम दोनों की जिम्मेदारी

यह मामला केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं है, बल्कि यह बताता है कि कैसे सिस्टम की खामियां और समाज की अपेक्षाएं मिलकर किसी छात्र को इस हद तक धकेल सकती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को:

  • काउंसलिंग
  • वैकल्पिक करियर विकल्प
  • असफलता से निपटने की ट्रेनिंग

देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

आगे पढ़िए: हैदराबाद में घर खरीदने का नया तरीका, ASBL Landmark का अनोखा ऑफर

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles
शिक्षा

NEET UG 2026: AIR 2 पांशुल बंसल बनना चाहते हैं सर्जन, साझा किए तैयारी के खास टिप्स

The Journalist News (Lucknow): राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026...

क्राइम

सीतापुर में सनसनी: रसोइए की आत्महत्या के बाद IPS अधिकारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक आत्महत्या...