उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 5 जून से 21 जून तक राज्यव्यापी जनकल्याण अभियान चलाने जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत श्रम विभाग विभिन्न कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों, संगोष्ठियों, मेलों और शिविरों का आयोजन करेगा। अभियान का उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना है। अभियान को लेकर श्रम मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिक वर्ग तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और अधिक से अधिक लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
विश्व पर्यावरण दिवस से होगी अभियान की शुरुआत
जनकल्याण अभियान की शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर होगी। इस दिन श्रम विभाग द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभागीय कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) संस्थानों में पौधारोपण किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल पौधे लगाने तक ही कार्यक्रम सीमित न रहे, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम अभियान का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
श्रमिक कल्याण योजनाओं पर विशेष फोकस
8 जून से 14 जून तक श्रम विभाग श्रमिक कल्याण योजनाओं को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। इस दौरान विभिन्न जिलों में संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में श्रमिकों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का प्रयास रहेगा कि श्रमिकों की समस्याओं को भी सुना जाए और उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई जाए। विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जनकल्याण मेले और शिविर होंगे आयोजित
अभियान के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में जनकल्याण मेले और विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन और विभिन्न योजनाओं के आवेदन संबंधी सहायता भी प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है।

बाल श्रम उन्मूलन पर चलेगा विशेष अभियान
जनकल्याण अभियान के दौरान बाल श्रम उन्मूलन को लेकर भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बाल श्रम समाज की गंभीर समस्याओं में से एक माना जाता है। सरकार और श्रम विभाग लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिले और उन्हें श्रम में न लगाया जाए। अभियान के दौरान लोगों को बाल श्रम निषेध कानूनों और बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बाल श्रम की रोकथाम के लिए समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
रोजगार संगम पोर्टल का होगा प्रचार-प्रसार
राज्य सरकार के रोजगार संगम पोर्टल को अधिक से अधिक युवाओं और श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान विशेष प्रचार-प्रसार किया जाएगा। रोजगार संगम पोर्टल रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और नियोक्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। अभियान के दौरान लोगों को पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया और इसके लाभों की जानकारी दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोग रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।
सेवामित्र योजना की दी जाएगी जानकारी
श्रम विभाग सेवामित्र योजना के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान देगा। इस योजना का उद्देश्य विभिन्न सेवाओं से जुड़े कुशल और प्रशिक्षित व्यक्तियों को आम नागरिकों से जोड़ना है। इससे सेवा प्रदाताओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं और नागरिकों को प्रमाणित सेवाएं उपलब्ध हो पाती हैं। अभियान के दौरान सेवामित्र योजना के लाभ और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
विभागीय उपलब्धियों की होगी प्रदर्शनी
17 जून से 20 जून तक विभिन्न जिलों में आयोजित प्रदर्शनियों में श्रम विभाग की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी में डिजिटल माध्यमों, पोस्टरों, मॉडल और सूचना सामग्री के जरिए लोगों को विभागीय कार्यों से अवगत कराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे लोगों में विभाग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक लोग आगे आएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर होंगे विशेष आयोजन
अभियान का समापन 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर होगा। इस दिन विभागीय कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों और अन्य संस्थानों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कर्मचारियों, विद्यार्थियों और श्रमिकों को योगाभ्यास कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।
श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार का प्रयास
श्रम विभाग का यह अभियान केवल योजनाओं के प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। अभियान के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर पहुंचकर श्रमिकों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए कार्य करें।
सरकार की प्राथमिकता में श्रमिक कल्याण
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने समीक्षा बैठक में कहा कि श्रमिक राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों की नियमित निगरानी की जाए और अभियान के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जाए।
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