The Journalist News (Lucknow): दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सरकारी अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने कहा कि यह कदम माननीय हाई कोर्ट के आदेश, चिकित्सकीय सलाह और सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया। पुलिस के इस बयान के बाद मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी सामने आ गया है। इससे पहले इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
हाई कोर्ट के आदेश का किया गया पालन
डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि पुलिस ने पूरी कार्रवाई माननीय हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों ने चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह के आधार पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक था, इसलिए उन्हें उपयुक्त सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

चिकित्सकीय निगरानी में हैं सोनम वांगचुक
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोनम वांगचुक फिलहाल सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। वहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उनका स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कदम चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप उठाए गए हैं।
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लंबे समय से अनशन पर थे वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही थी। इसी बीच पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद आंदोलनकारियों और कुछ राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि अब दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह स्वास्थ्य कारणों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस ने इसे आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप बताया।इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
पुलिस ने दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण
डीसीपी सचिन शर्मा ने अपने बयान में कहा कि पुलिस ने किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं की, बल्कि न्यायालय के आदेश और चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह का पालन किया।उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाना जरूरी था ताकि उन्हें समय पर उचित इलाज मिल सके।
आगे की स्थिति पर रहेगी नजर
फिलहाल सोनम वांगचुक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर भी प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी हुई है।आने वाले दिनों में सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य, आंदोलन की आगे की दिशा और इस पूरे मामले पर न्यायालय तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अस्पताल ले जाने का निर्णय पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया, चिकित्सकीय सलाह और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
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