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Sony के नए पेटेंट ने मचाई हलचल, अब आपकी उंगली को महसूस करेगा PlayStation कंट्रोलर

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News thumbnail showing a futuristic Sony VR headset with the Sony logo and The Journalist News watermark; Hindi caption about Sony's new patent impacting gaming.
Source: Globe Brands Magazine
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The Journalist News (Lucknow): गेमिंग तकनीक लगातार नए आयाम छू रही है और अब ऐसा लगता है कि आने वाले वर्षों में वीडियो गेम खेलने का अनुभव पहले से कहीं अधिक वास्तविक हो सकता है। जापानी टेक कंपनी Sony ने एक ऐसी तकनीक के लिए पेटेंट आवेदन दायर किया है, जो गेम कंट्रोलर के बटन को खिलाड़ी की उंगली के अनुसार सख्त या मुलायम बना सकती है। यह तकनीक भविष्य के PlayStation कंट्रोलर्स में देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी यह केवल पेटेंट स्तर पर है, लेकिन अगर इसे वास्तविक उत्पाद में शामिल किया गया तो गेमिंग अनुभव पूरी तरह बदल सकता है।

क्या है Sony की नई तकनीक?

Sony logo in white type on a black background.
Source Social Media

Sony द्वारा विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) में नवंबर 2024 में दायर पेटेंट आवेदन को मई 2026 में सार्वजनिक किया गया। इस दस्तावेज में ऐसे कंट्रोलर बटन का जिक्र किया गया है जो गेम के दौरान स्क्रीन पर हो रही गतिविधियों के अनुसार अपनी बनावट और दबाव क्षमता बदल सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यदि गेम में किसी खिलाड़ी को किसी भारी वस्तु को धक्का देना हो या किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलना हो, तो कंट्रोलर का बटन दबाना वास्तव में अधिक कठिन महसूस हो सकता है। वहीं सामान्य स्थिति में वही बटन आसानी से दबाया जा सकेगा।

बटन कैसे बदलेंगे अपना व्यवहार?

पेटेंट में कई अलग-अलग तकनीकी तरीकों का उल्लेख किया गया है। पहले तरीके में विशेष प्रकार की स्मार्ट सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसे मैग्नेटो-विस्कोइलास्टिक इलास्टोमर कहा जाता है। यह सामग्री आसपास मौजूद चुंबकीय प्रभाव के आधार पर अपनी कठोरता बदल सकती है। इसका मतलब है कि कंट्रोलर यह तय कर सकेगा कि किसी बटन को दबाने के लिए खिलाड़ी को कितना बल लगाना होगा।

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तरल पदार्थ आधारित तकनीक पर भी काम

Sony ने एक अन्य अवधारणा में तरल पदार्थ से भरी झिल्ली (Fluid-Filled Membrane) का भी जिक्र किया है। इस तकनीक के जरिए बटन की कठोरता और स्पर्श अनुभव को बदला जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि गेम कंट्रोलर जैसे उपकरण में तरल पदार्थ का उपयोग दीर्घकालिक टिकाऊपन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

उंगली के चारों ओर सख्त हो सकता है बटन

इस पेटेंट का सबसे रोचक पहलू वह तकनीक है जिसमें खिलाड़ी की उंगली पहले बटन के अंदर थोड़ी धंस सकती है और फिर बटन उसके चारों ओर सख्त हो सकता है। यह तकनीक गेम के विशेष दृश्यों को अधिक वास्तविक बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। उदाहरण के लिए यदि गेम में कोई पात्र किसी दलदल, जाल या कठिन परिस्थिति में फंसा हो, तो कंट्रोलर भी उसी तरह प्रतिरोध महसूस करा सकता है। हालांकि कुछ खिलाड़ियों को यह अनुभव असामान्य भी लग सकता है।

DualSense के बाद अगला बड़ा कदम?

Sony पहले भी गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों पर काम करता रहा है। PlayStation 5 के साथ पेश किया गया DualSense कंट्रोलर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। DualSense के Adaptive Triggers खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों का वास्तविक अनुभव देने में सक्षम हैं। उदाहरण के लिए किसी हथियार को चलाने, धनुष खींचने या स्पाइडर-मैन के वेब स्विंग जैसी गतिविधियों के दौरान ट्रिगर का दबाव बदल जाता है। नई पेटेंट तकनीक को इसी दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।

भविष्य के PlayStation में मिल सकती है जगह

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार Sony अगली पीढ़ी का PlayStation कंसोल वर्ष 2028 या 2029 के आसपास लॉन्च कर सकता है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि कंपनी भविष्य के कंट्रोलर में इन नई तकनीकों को शामिल कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो गेम खेलने का अनुभव पहले से अधिक इंटरैक्टिव और वास्तविक हो जाएगा।

लेकिन अभी नहीं हुई है आधिकारिक पुष्टि

यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी तकनीक के लिए पेटेंट आवेदन दाखिल करना और उसे बाजार में उतारना दो अलग-अलग बातें हैं। तकनीकी कंपनियां अक्सर कई प्रयोगात्मक विचारों के लिए पेटेंट करवाती हैं, लेकिन उनमें से सभी उत्पादों में शामिल नहीं किए जाते। इसलिए फिलहाल यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि Sony इस तकनीक को अपने आगामी PlayStation कंट्रोलर में इस्तेमाल करेगा।

गेमिंग का भविष्य और भी रोमांचक

यदि Sony की यह तकनीक वास्तविकता बनती है, तो आने वाले वर्षों में गेमिंग केवल देखने और सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ी कंट्रोलर के माध्यम से गेम की परिस्थितियों को शारीरिक रूप से महसूस भी कर सकेंगे। यानी भविष्य में गेम खेलते समय कंट्रोलर सिर्फ एक उपकरण नहीं बल्कि गेम की दुनिया से जुड़ने का एक नया माध्यम बन सकता है।

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