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इथेनॉल का विरोध करने के लिए किसानों ने निकाला नया फॉर्मूला, चर्चा में आया M100 दूध

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Group of men in a hall demonstrate a new farming formula, pouring liquid from a bottle into plastic bottles as a red news ticker runs at the bottom.
Source: Screengrab
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The Journalist News (Lucknow): राजस्थान की राजधानी जयपुर में पशुपालकों ने केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति के विरोध में एक अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया है। इस विरोध का तरीका अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। पशुपालकों ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के लिए इस्तेमाल होने वाले E20, E50 और E100 जैसे नामों की तर्ज पर दूध के नए “वर्जन” तैयार कर दिए हैं। उन्होंने इन्हें M20, M50 और M100 नाम दिया है और इसके जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के कुछ पशुपालकों ने केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति का विरोध करते हुए यह प्रतीकात्मक अभियान शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस तरह पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर उसके अलग-अलग संस्करण बनाए गए हैं, उसी तरह उन्होंने भी दूध में पानी मिलाकर उसके काल्पनिक संस्करण तैयार किए हैं। इन संस्करणों को M20, M50 और M100 नाम दिया गया है, जहां “M” का अर्थ दूध (Milk) से जोड़ा जा रहा है। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार तक अपना संदेश पहुंचाना और नीति के प्रति असहमति दर्ज कराना बताया जा रहा है।

Source: Screengrab

क्यों किया जा रहा है विरोध?

पशुपालकों का आरोप है कि इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर कृषि और पशुपालन क्षेत्र पर पड़ सकता है। उनका मानना है कि इस विषय पर किसानों और पशुपालकों की चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसानों ने इसे पूरी तरह प्रतीकात्मक कदम बताया और कहा कि उनका मकसद किसी उत्पाद में मिलावट को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि अपनी बात को अलग तरीके से रखना है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा प्रदर्शन

दूध के डिब्बों और कंटेनरों पर M20, M50 और M100 लिखे जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोग इसे विरोध का रचनात्मक तरीका बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस प्रदर्शन को लेकर बहस भी शुरू हो गई है।

इथेनॉल मिश्रण क्या है?

केंद्र सरकार लंबे समय से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, पर्यावरणीय लाभ प्राप्त करना और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को आमतौर पर E20, E50 या E100 जैसे नामों से पहचाना जाता है, जहां “E” इथेनॉल के प्रतिशत को दर्शाता है।

किसानों का संदेश

पशुपालकों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान अपनी मांगों और चिंताओं की ओर आकर्षित करने के लिए है। उनका मानना है कि नीतियां बनाते समय कृषि और पशुपालन क्षेत्र के हितधारकों के विचारों को भी पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। फिलहाल यह विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार साझा की जा रही हैं।

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