Home उत्तर प्रदेश फायरमैन के आरोप से मचा हड़कंप, बुलेट खरीद में लाखों के घोटाले का दावा
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फायरमैन के आरोप से मचा हड़कंप, बुलेट खरीद में लाखों के घोटाले का दावा

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Policeman speaks to reporters surrounded by microphones, with crime-scene tape and rubble in the background.
Source: Screengrab
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The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। विभाग के एक फायरमैन ने आरोप लगाया है कि अग्निशमन विभाग में खरीदी गई एक बुलेट मोटरसाइकिल की कीमत लगभग 3 लाख रुपये होने के बावजूद उसे करीब 11 लाख रुपये में खरीदा गया। आरोप सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

फायरमैन ने लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के दौरान मौके पर पहुंचे फायरमैन जितेंद्र राठौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह विभागीय खरीद से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। जितेंद्र राठौर का दावा है कि विभाग द्वारा खरीदी गई बुलेट मोटरसाइकिल की वास्तविक कीमत और खरीद मूल्य के बीच भारी अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 3 लाख रुपये की मोटरसाइकिल को 11 लाख रुपये में खरीदा गया।

Source: Screengrab

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग आरोपों की सत्यता पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “सरकारी खरीद”, “पारदर्शिता” और “जवाबदेही” जैसे मुद्दे चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

ध्यान देने वाली बात यह है कि फिलहाल इन आरोपों की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी या सरकारी दस्तावेज के आधार पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को लेकर अग्निशमन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच की मांग तेज

मामला सामने आने के बाद विभिन्न स्तरों पर जांच की मांग उठने लगी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाली खरीद में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या कहते हैं नियम?

सरकारी विभागों में वाहनों और उपकरणों की खरीद आमतौर पर निर्धारित निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के तहत की जाती है। खरीद की कीमत, तकनीकी मानक और आपूर्ति संबंधी शर्तें दस्तावेजों में दर्ज होती हैं। यदि किसी खरीद को लेकर विवाद उठता है तो उसकी जांच संबंधित विभाग, सतर्कता इकाई या अन्य सक्षम एजेंसियों द्वारा की जा सकती है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल पूरा मामला एक वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि या खंडन के लिए आधिकारिक जांच और दस्तावेजी साक्ष्य आवश्यक होंगे। जब तक संबंधित एजेंसियों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

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