Home धर्म वडोदरा में मुहर्रम का जुलूस बना सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मंदिर के सामने ताज़िये का स्वागत; मौलाना बोले ‘हुसैन पूरी इंसानियत के हैं’
धर्म

वडोदरा में मुहर्रम का जुलूस बना सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मंदिर के सामने ताज़िये का स्वागत; मौलाना बोले ‘हुसैन पूरी इंसानियत के हैं’

Share
Male reporter in black attire with a turban speaks into an IANS microphone as a black-clad crowd participates in a procession behind him.
Source: IANS
Share

The Journalist News (Lucknow): गुजरात के वडोदरा में मुहर्रम के अवसर पर निकला ताज़िया जुलूस सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देता नजर आया। जुलूस के दौरान एक मंदिर के सामने ताज़िया कुछ देर के लिए रुका, जहां स्थानीय लोगों ने उसका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर मौलाना हैदर अब्बास ने कहा कि इमाम हुसैन केवल किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सत्य, न्याय और बलिदान के प्रतीक हैं।

मौलाना हैदर अब्बास ने क्या कहा?

मौलाना हैदर अब्बास ने कहा कि,

“मौला हुसैन ऐसा नाम है जो सभी का है। चाहे बच्चा हो, युवा हो, बुजुर्ग हो या किसी भी धर्म का व्यक्ति जो इंसानियत, न्याय और सत्य में विश्वास रखता है, वह हुसैन के साथ खड़ा है।”

उन्होंने कहा कि मुहर्रम का संदेश केवल शोक का नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने और मानवता की रक्षा का भी है।

Group of men in black clothing standing in line during a funeral or religious procession, with a colorful decorated chariot in the background
Source IANS Screengrab

मंदिर के सामने ताज़िये का हुआ सम्मान

जुलूस के दौरान ताज़िया एक मंदिर के सामने कुछ समय के लिए रुका। वहां मौजूद लोगों ने सम्मान और आदर के साथ उसका स्वागत किया। मौलाना ने कहा कि यह दृश्य दर्शाता है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव भी भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद हिंदू समाज के लोगों ने जिस सम्मान के साथ ताज़िये का स्वागत किया, वह आपसी विश्वास और भाईचारे का प्रतीक है।

आगे पढ़िए: 26 जून 2026 का दैनिक स्वास्थ्य राशिफल: जानिए आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, क्या बरतें सावधानी?

मुहर्रम का संदेश

मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और विशेष रूप से इमाम हुसैन तथा कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में ताज़िया जुलूस निकाले जाते हैं और लोग शांति, संयम तथा श्रद्धा के साथ उन्हें संपन्न करते हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इमाम हुसैन का बलिदान अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और सत्य की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

प्रशासन की रही कड़ी निगरानी

वडोदरा में जुलूस के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे मार्ग पर तैनात रहे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने बताया कि जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्वक निकला और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

भाईचारे का संदेश

स्थानीय लोगों ने भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करते हैं। विभिन्न समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि विविधता के बावजूद एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना भारतीय समाज की बड़ी ताकत है। मुहर्रम के अवसर पर वडोदरा में देखने को मिला यह दृश्य सामाजिक एकता और पारस्परिक सम्मान की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आया।

author avatar
Sanskriti Tyagi
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles