The Journalist News (Lucknow): केरल के मलप्पुरम जिले में केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) के कार्यालय से एल्यूमिनियम लाइन कंडक्टर चोरी होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में KSEB का एक कर्मचारी और एक संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारी भी शामिल हैं। इस मामले ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पांच लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, मलप्पुरम स्थित KSEB कार्यालय से एल्यूमिनियम लाइन कंडक्टर चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक नियमित KSEB कर्मचारी और एक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर भी शामिल हैं। बाकी अन्य आरोपियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कैसे सामने आया मामला?
बताया जा रहा है कि कार्यालय परिसर से एल्यूमिनियम लाइन कंडक्टर गायब होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के साथ जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की, जिसके बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी कब और कैसे की गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा गिरोह शामिल था या यह सीमित लोगों द्वारा की गई साजिश थी।अधिकारियों का कहना है कि चोरी हुए एल्यूमिनियम लाइन कंडक्टर की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
विभागीय स्तर पर भी हो सकती है कार्रवाई
चूंकि गिरफ्तार लोगों में KSEB का एक कर्मचारी और एक संविदा कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं, इसलिए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
जांच पूरी होने का इंतजार
मामला फिलहाल जांच के अधीन है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के पीछे की पूरी साजिश क्या थी तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अदालत में आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक गिरफ्तार व्यक्तियों को कानून की नजर में आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।
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