The Journalist News (Lucknow): महाराष्ट्र के लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के पास मिले युवक केतन अग्रवाल के शव को लेकर मामले में नई जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा रहे सुनील गायकवाड़ ने घटनास्थल पर मिली परिस्थितियों और पूरे बचाव अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उनके बयान के बाद मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रेस्क्यू टीम ने क्या देखा?
सुनील गायकवाड़ के अनुसार, जब रेस्क्यू टीम लोहागढ़ किले के पास पहुंची तो वहां एक युवक का शव मिला। उन्होंने बताया कि युवक के सिर पर गंभीर चोटें थीं और उसकी खोपड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। इसके अलावा शरीर के हाथ-पैरों पर भी कई चोटों के निशान दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि जब टीम मौके पर पहुंची, तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को सुरक्षित तरीके से घटनास्थल से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जंगल और खड़ी चढ़ाई के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू टीम के सदस्य ने बताया कि शव को किले के पास मौजूद जंगल और खड़ी ढलान वाले रास्ते से बाहर निकालना आसान नहीं था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनके अनुसार, शव को सावधानीपूर्वक उठाकर जंगल के रास्ते नीचे लाया गया। खड़ी ढलान होने के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम ने तय प्रक्रिया का पालन करते हुए ऑपरेशन पूरा किया।
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कितने समय तक चला अभियान?
सुनील गायकवाड़ के मुताबिक, पुलिस स्टेशन को सुबह करीब 10:30 बजे सूचना मिली थी। इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि बचाव और शव निकालने का अभियान लगभग 12:30 बजे तक चला। इसके बाद करीब 1:30 बजे शव को एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम कराया जा सके।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों को लेकर क्या कहा?
रेस्क्यू टीम के सदस्य ने यह भी बताया कि शव को बाहर निकालने के दौरान सिया भी घटनास्थल पर मौजूद थीं। उनके अनुसार, उस समय मौजूद अन्य लोग काफी भावुक और परेशान दिखाई दे रहे थे, जबकि सिया अपेक्षाकृत शांत नजर आईं। उन्होंने केवल घटनास्थल पर मौजूद लोगों के व्यवहार के बारे में अपना अवलोकन साझा किया है। इस टिप्पणी को किसी भी प्रकार के निष्कर्ष या दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत
फिलहाल मामले की जांच संबंधित पुलिस एजेंसियां कर रही हैं। रेस्क्यू टीम का काम केवल शव को सुरक्षित बाहर निकालना था। मौत के कारण, घटना की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही सामने आएगा। अधिकारियों ने अभी तक मामले में अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। इसलिए इस मामले से जुड़े सभी दावों और बयानों को जांच के दायरे में माना जा रहा है।
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