Home उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग पर CM योगी सख्त, भर्ती में करोड़ों की वसूली के आरोपों पर जांच तेज
उत्तर प्रदेश

परिवहन विभाग पर CM योगी सख्त, भर्ती में करोड़ों की वसूली के आरोपों पर जांच तेज

Share
Source: AI
Share

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और उसमें कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जिन एजेंसियों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, उन्हें विभाग ने काम क्यों सौंपा। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद विभागीय अधिकारियों ने शिकायतों पर कार्रवाई तेज कर दी है और प्रभावित लोगों से संपर्क कर उनकी शिकायतें दर्ज करना शुरू कर दिया है।

भर्ती के नाम पर लाखों रुपये वसूलने के आरोप

मामला परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाने, प्रिंट करने और डिलीवरी से जुड़ी सेवाओं का है। यह कार्य वर्तमान में सिल्वर टच, रोजमार्ट (Rosmerta) और फोकाम जैसी निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि इन एजेंसियों ने प्रदेशभर में करीब 320 कर्मचारियों की नियुक्ति की और भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से 3 से 4 लाख रुपये तक वसूलने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद बढ़ी हलचल

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा। इसके बाद उन अधिकारियों में हलचल बढ़ गई, जिन पर शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखने का आरोप था। बताया जा रहा है कि अब संबंधित अधिकारियों ने पीड़ितों से संपर्क कर उनकी शिकायतें दर्ज करनी शुरू कर दी हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

आगे पढ़िए: वाराणसी में 4 साल बाद मिला कोरोना संक्रमित, BHU में रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जांच के आदेश पहले भी दिए गए थे

जानकारी के अनुसार, पूर्व परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेते हुए 25 जिलों के जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि आरोप है कि इन जांचों की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई और न ही शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई सामने आई। इसी तरह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष द्वारा भेजे गए शिकायत संबंधी पत्र और अन्य शिकायतों पर भी कार्रवाई लंबित रहने की बात कही जा रही है।

शिकायतों पर कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और आर्थिक वसूली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका यह भी कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच पूरी होने का इंतजार

फिलहाल मामले की जांच जारी है। अभी तक सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles
बाबू ब्रिज बिहारी लाल
उत्तर प्रदेश

बाबू ब्रिज बिहारी लाल ‘ब्रह्मानंद वकील’: वकालत से लेकर जीवन तक देश को किया समर्पित

बुलंदशहर। स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास केवल राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं तक...

उत्तर प्रदेश

बाराबंकी को ₹542 करोड़ की बड़ी सौगात, 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार...

उत्तर प्रदेश

लखनऊ के जवाहर भवन में भीषण आग, सरकारी दफ्तरों में मची अफरा-तफरी

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रमुख सरकारी...

उत्तर प्रदेश

यूपी में श्रम आयुक्त का पद अब भी खाली, नई नियुक्ति के बाद भी नहीं संभाला कार्यभार

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में शीर्ष प्रशासनिक...