उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखते हुए इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार सृजन और प्रदेश की वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास की योजनाओं को स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक विकास से सीधे जोड़ा जाए।
पर्यटन नीति में बदलाव को मुख्यमंत्री की सहमति
बैठक के दौरान प्रदेश की पर्यटन नीति में प्रस्तावित बदलावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन क्षेत्र को और अधिक आकर्षक तथा निवेशकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित संशोधनों पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि नई परिस्थितियों और बदलती जरूरतों को देखते हुए पर्यटन नीति को और प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है। इससे पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीति में किए जाने वाले बदलावों को जल्द अंतिम रूप देकर उन्हें लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

नीम करोली बाबा सर्किट के विकास पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में विश्व प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा से जुड़े स्थलों को विकसित करने के लिए प्रस्तावित “नीम करोली बाबा सर्किट” पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नीम करोली बाबा के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सर्किट के अंतर्गत आने वाले स्थलों का विकास आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएं। सरकार का मानना है कि नीम करोली बाबा सर्किट विकसित होने से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ सकती है।
बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट को मिलेगा नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों और किलों के संरक्षण एवं विकास पर भी विशेष जोर दिया। इसके लिए प्रस्तावित “बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट” पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किले प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और वीरता की पहचान हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, पहुंच मार्गों के विकास और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट प्रदेश में हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
नैमिषारण्य को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाने की तैयारी
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नैमिषारण्य के विकास को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं बल्कि वैदिक ज्ञान, योग, आयुर्वेद और वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैमिषारण्य का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में मिलता है। यह स्थान भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में इसके विकास की योजनाओं को व्यापक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यहां आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को भारतीय ज्ञान परंपरा, योग और आयुर्वेद से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जाएं। साथ ही आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो।
विंध्याचल में त्रिकोण परिक्रमा क्षेत्र का होगा समग्र विकास
मुख्यमंत्री ने विंध्याचल क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्रिकोण परिक्रमा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार विंध्याचल देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, सुगम आवागमन, स्वच्छता व्यवस्था और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
शक्तिपीठों के निकट माता सती की कथा का आकर्षक प्रस्तुतीकरण
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शक्तिपीठों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शक्तिपीठों के निकट माता सती की पौराणिक कथा का प्रभावी, आधुनिक और आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाए। इसके लिए डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल माध्यमों और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों का उपयोग किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक परंपराओं को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार, गाइड सेवाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। इसलिए पर्यटन योजनाओं को स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार से जोड़ना बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन परियोजनाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि विकास का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, नैमिषारण्य, विंध्याचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इन स्थलों के सुनियोजित विकास से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रदेश सरकार का मानना है कि धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के माध्यम से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के सबसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यह समीक्षा बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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