Home उत्तर प्रदेश पहले कसा तंज अब कहा- बाय-बाय, अखिलेश यादव ने सपा के 7 में से 3 बागी विधायकों को दिखाया बाहर का रास्ता, 4 को बख्शा
उत्तर प्रदेशपॉलिटिक्स

पहले कसा तंज अब कहा- बाय-बाय, अखिलेश यादव ने सपा के 7 में से 3 बागी विधायकों को दिखाया बाहर का रास्ता, 4 को बख्शा

Share
अखिलेश यादव, सपा सुप्रीमो
अखिलेश यादव, सपा सुप्रीमो
Share

यूपी की सियासत में एक अनोखा मोड़ आ गया है। दरअसल, समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले सात विधायकों में से तीन को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। खुद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बागियों पर ये कार्रवाई की है।

अखिलेश यादव – image source: Google

सपा की तरफ से इन बागी विधायकों अभय सिंह,राकेश प्रताप सिंह और मनोज कुमार पाण्डेय को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। साथ ही ये भी कहा गया है कि ये सभी पीडीए के खिलाफ बोल रहे थे। सपा ने इन तीनों पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है।

सपा पार्टी की तरफ से किए गए ट्वीट में लिखा गया है कि, “अनुग्रह अवधि की सीमा अब पूरी हो चुकी है। बचा हुआ समय सीमा अच्छे व्यवहार के कारण शेष है.” सपा के इस ट्वीट से तो यही कयास लगाए जा रहे हैं कि, क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी विधायकों पर कार्रवाई नहीं हुई है। बाकी चार विधायकों को अच्छा व्यवहार करने वाला बताकर सपा ने छोड़ दिया है।

समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों राकेश पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी, मनोज पांडेय, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य ने एनडीए के समर्थन में मतदान किया था। सपा ने बताया कि, विधायक राकेश पांडेय, विनोद चतुर्वेदी, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य का मन बदल रहा है और वे पीडीए के प्रति आस्था दिखा रहे हैं।

सपा से बागी विधायक – image source: Google

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि, पार्टी से निकाले गए तीनों विधायक लगातार पीडीए के खिलाफ बोल रहे थे। जबकि चार विधायकों का हृदय परिवर्तन देखने को मिला। उन्होंने पीडीए की प्रति अपनी आस्था दिखाई है, लिहाजा उन पर एक्शन नहीं लिया गया. सपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी पीडीए फॉर्मूले को लेकर चल रही है उसके खिलाफ बोलने वालों पर एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि 2024 में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने 8 उम्मीदवार उतारे थे और सभी को जीत भी मिली थी। संख्या बल के आधार पर बीजेपी सिर्फ सात कैंडिडेट को ही राज्य सभा भेज सकती थी। जबकि सपा की तरफ से तीन कैंडिडेट मैदान में थे। सपा के सात बागियों के क्रॉस वोटिंग की वजह से बीजेपी के आठवें कैंडिडेट संजय सेठ जीत गए और सपा के तीसरे कैंडिडेट हार गए। उस वक्त बीजेपी ने कहा था कि सपा के विधायकों ने “अंतरात्मा की आवाज” सुनकर वोट किया है।

बीेजेपी के नेतागण – image source: Google

ये पहली बार नहीं है जब सपा सुप्रीमो ने अपने ही विधायकों पर नाराजगी जताई हो इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के बागी विधायकों पर तंज कसा था। बागियों के भाजपा के पक्ष में वोट करने के कई महीने बाद बागियों पर अखिलेश यादव ने टिप्पणी की थी। तंज कसते हुए सपा मुखिया ने विधायकों ने सियासी संदेश भी दिया था। दरअसल, सपा चीफ ने अपनी चुप्पी उस वक्त तोड़ी जब सपा के तीन बागी विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। गृह मंत्री से मुलाकात करने वाले बागी विधायकों में गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह और कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी हैं थे। तीनों विधायकों की मुलाकात के बाद अखिलेश ने एक क्रिप्टिक पोस्ट की जिसको लेकर माना जा रहा है कि यह बागियों के लिए था। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- जो अपने दर से दगा करता है, वो दर-दर भटकता है.

सीएम योगी के इस बयान पर भड़के अखिलेश यादव, कहा- दिल्ली वालों को चाहिए इनको हटा दें। दरअसल, सपा के बागी विधायकों की मुलाकात की बात उस वक्त सामने आई थी जब अभय सिंह ने फोटो शेयर की थी। इस फोटो में कालपी विधायक और गौरीगंज विधायक भी थे। इसके अलावा बीजेपी से राज्यसभा सांसद संजय सेठ भी मौजूद थे। तीन बागियों के अलावा ऊंचाहार से मनोज पांडेय, पूजा पाल, राकेश पांडेय समेत कुछ अन्य विधायक भी थे. राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान वाले दिन इन विधायकों की तस्वीर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ विक्टरी साइन दिखाते भी आई थी। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद जब सपा ने राज्य सबसे ज्यादा सीटें हासिल कीं तब दावा किया गया कि, बागी विधायक वापस आना चाहते हैं। हालांकि सूत्रों ने उस वक्त ने दावा किया था कि, अखिलेश ने सभी बागियों की सपा में री-एंट्री पर फुल स्टॉप लगा दिया है।

अखिलेश यादव – image source: Google

बताते चलें कि, अखिलेश यादव ने इसके पहले यूपी के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए मौंतो का आंकड़ा छुपाए जाने की बात कह कर सड़क पर नमाज वाले बयान पर अखिलेश ने तंज कसा था। अखिलेश यादव ने कहा था कि कुंभ में 66 करोड़ लोग आए, अगर 66 करोड़ लोगों को गिन सकते हैं, उन्होंने आगे कहा कि सीएम योगी जरा उन हिंदुओं के बारे में भी बताएं जो कुंभ से लौटकर अपने घरों पर नहीं पहुंचे। इसके अलावा अखिलेश यादव ने वक्फ बिल के विरोध की बात भी कही। उन्होंने कहा था कि, हम इस बिल के खिलाफ हैं। बीजेपी हर जगह अपना कंट्रोल चाहती है। ये संविधान के खिलाफ है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles
बाबू ब्रिज बिहारी लाल
उत्तर प्रदेश

बाबू ब्रिज बिहारी लाल ‘ब्रह्मानंद वकील’: वकालत से लेकर जीवन तक देश को किया समर्पित

बुलंदशहर। स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास केवल राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं तक...

उत्तर प्रदेश

बाराबंकी को ₹542 करोड़ की बड़ी सौगात, 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार...

उत्तर प्रदेश

लखनऊ के जवाहर भवन में भीषण आग, सरकारी दफ्तरों में मची अफरा-तफरी

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रमुख सरकारी...