फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। देश की निचली संसद नेशनल असेंबली ने इससे जुड़े बिल को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सेहत को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
नेशनल असेंबली में हुए मतदान के दौरान 116 सांसदों ने बिल के पक्ष में, जबकि 23 सांसदों ने विरोध में वोट डाले।
Snapchat, Instagram, TikTok होंगे बंद
इस प्रस्ताव को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भी समर्थन मिला है। अब यह बिल संसद के ऊपरी सदन सीनेट में पेश किया जाएगा।
अगर वहां से भी मंजूरी मिल जाती है, तो Snapchat, Instagram, TikTok और Twitch जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति मैक्रों का कड़ा संदेश
नेशनल असेंबली से बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे “बड़ा कदम” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से अपील की कि प्रक्रिया तेज की जाए ताकि यह कानून अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सके।

मैक्रों ने लिखा,
“हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है।”
उनका कहना है कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सेहत को उन कंपनियों पर नहीं छोड़ा जा सकता, जिनका मुख्य लक्ष्य सिर्फ मुनाफा कमाना है।
सांसद ने सोशल मीडिया को बताया नुकसानदेह
इस बिल को तैयार करने वाली सांसद लॉर मिलर ने कहा कि यह कानून समाज में एक स्पष्ट सीमा तय करेगा।
उनके मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नुकसानरहित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स ने लोगों को जोड़ने का वादा किया था, लेकिन अब ये समाज को बांटने लगे हैं।

प्रस्तावित कानून में क्या-क्या शामिल?
नए कानून के तहत-
- फ्रांस का मीडिया रेगुलेटर उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सूची बनाएगा, जो बच्चों के लिए हानिकारक माने जाएंगे
- इन प्लेटफॉर्म्स पर 15 साल से कम उम्र के बच्चों का अकाउंट बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा
- कुछ कम नुकसानदेह प्लेटफॉर्म्स पर माता-पिता की साफ मंजूरी के बाद ही बच्चों को एक्सेस मिलेगा
- सीनियर स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव
- उम्र सत्यापन (Age Verification) के लिए अलग व्यवस्था तय की जाएगी
जूनियर और मिडिल स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक पहले से लागू है।
ऑस्ट्रेलिया पहले ही कर चुका है बैन
फ्रांस का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की राह पर है, जहां पिछले साल दिसंबर से ही ऐसा कानून लागू हो चुका है।
इसके अलावा डेनमार्क, ग्रीस, स्पेन और आयरलैंड भी इसी दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
हाल ही में ब्रिटेन ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर परामर्श शुरू किया है।
पहले क्यों अटक गया था कानून?
साल 2023 में फ्रांस में इसी तरह का कानून लाने की कोशिश नाकाम हो गई थी, क्योंकि अदालतों ने इसे यूरोपीय कानून के खिलाफ बताया था।
इस बार बिल को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए दोबारा तैयार किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि सीनेट से भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी और सितंबर 2026 तक यह कानून लागू हो सकेगा।
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