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हापुड़ में 2 करोड़ की डकैती का खुलासा: यूपी पुलिस का निलंबित सिपाही निकला मास्टरमाइंड, STF और पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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Group of eight men standing on a dimly lit street; seven are in khaki police uniforms, one man in a black and red Hackett polo shirt and white pants is in the center, posing for a photo at night.
Source: X (Twitter)
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The Journalist News Lucknow: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में हुई करीब दो करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल डकैती का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे किसी सामान्य अपराधी का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का ही एक निलंबित सिपाही विक्की गौतम मास्टरमाइंड निकला। इस खुलासे ने न सिर्फ पुलिस महकमे को हिला दिया है, बल्कि कानून व्यवस्था और अंदरूनी सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह पूरी तरह से संगठित था और इसमें कई पेशेवर अपराधी शामिल थे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो को गोली लगने से चोट भी आई है।

घटना की शुरुआत: 2 जून की रात की वारदात

यह पूरी घटना 2 जून की रात की है, जब हापुड़ के जाने-माने उद्योगपति नरेंद्र कबाड़ी के घर पर बदमाशों ने धावा बोल दिया। बताया गया कि हथियारों से लैस अपराधियों ने अचानक घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया। परिवार के सदस्यों को डराकर और धमकाकर बदमाशों ने घर में रखे कीमती सामान की लूट शुरू कर दी। कुछ ही समय में उन्होंने सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य महंगे सामान पर हाथ साफ कर दिया। लूटे गए सामान की कुल कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई। इस वारदात के बाद पूरे हापुड़ जिले में दहशत फैल गई। स्थानीय लोग सहम गए और व्यापारिक वर्ग में भी असुरक्षा का माहौल बन गया।

Source: X (Twitter)

पुलिस की सक्रियता और 10 विशेष टीमों का गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए हापुड़ पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। मामले के खुलासे के लिए 10 विशेष जांच टीमें गठित की गईं। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज खंगालना, संदिग्धों की पहचान, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना शामिल था। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि जिले और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी की जाए ताकि आरोपी भाग न सकें। लगातार कई दिनों तक पुलिस टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की।

जांच में बड़ा खुलासा: निलंबित सिपाही निकला मास्टरमाइंड

जांच के दौरान पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पता चला कि इस डकैती की साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का एक निलंबित सिपाही विक्की गौतम ने रची थी। विक्की गौतम पहले पुलिस विभाग में कार्यरत था, लेकिन बाद में किसी कारणवश उसे निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया और एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विक्की गौतम ने अपने पुलिस अनुभव और सिस्टम की जानकारी का उपयोग करते हुए इस डकैती की पूरी योजना बनाई। उसने सुरक्षा व्यवस्था को समझते हुए वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी

जैसे ही पुलिस को आरोपियों की लोकेशन का इनपुट मिला, तुरंत एक संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और बाकी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने मौके से हथियार, लूटा गया कुछ सामान और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।

अपराध की पूरी योजना

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि यह पूरी वारदात एक सुनियोजित योजना के तहत की गई थी। विक्की गौतम ने पहले रेकी कराई और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर 2 जून की रात को इस वारदात को अंजाम दिया। गिरोह का उद्देश्य केवल लूटपाट नहीं था, बल्कि एक बड़े व्यापारिक घराने को निशाना बनाकर भारी रकम हासिल करना था। इस पूरे ऑपरेशन में तकनीकी निगरानी से बचने के लिए आरोपियों ने कई सावधानियां बरती थीं।

पुलिस विभाग में हड़कंप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मास्टरमाइंड एक पूर्व पुलिसकर्मी निकला। इससे पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। विभागीय स्तर पर यह जांच शुरू हो गई है कि आखिर कैसे एक निलंबित सिपाही इतना बड़ा अपराधी नेटवर्क खड़ा करने में सफल हुआ। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला आंतरिक सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं इस गिरोह को किसी और का संरक्षण तो नहीं मिला था।

आगे पढ़िए: UP STF ने पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह को किया ढेर: 40 से अधिक मामलों में वांछित आरोपी का अंत

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