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होर्मुज जलडमरूमध्य से निकले उर्वरक जहाज, भारत में खाद संकट टलने की उम्मीद

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Split image: left shows a busy sea lane with container ships; right shows a docked cargo ship with cranes; red Hindi news ticker at bottom.
Source: AI
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The journalist News (Lucknow): मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास फंसे उर्वरक से लदे 16 मालवाहक जहाजों में से करीब 10 से 12 जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहे हैं। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों ने उस समय जलमार्ग पार किया जब ईरान द्वारा इसे दोबारा बंद करने के दावे की चर्चा तेज हो रही थी। यह घटनाक्रम भारत सहित कई देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा और व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला का एक प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल, गैस और उर्वरकों की ढुलाई होती है। ऐसे में जहाजों के सुरक्षित निकलने से खाद आपूर्ति को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हुई है।

भारत को मिल सकती है बड़ी राहत

उर्वरक क्षेत्र से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि इन जहाजों में यूरिया, अमोनिया और डीएपी (DAP) जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक लदे हुए थे। इनकी आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भारत समेत कई देशों में खाद की उपलब्धता पर असर पड़ सकता था। एक उर्वरक आयातक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कई जहाज सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इससे भारत में उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य रहने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही किसानों को भी समय पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

Source: AI

वैश्विक बाजार में नरम पड़ने लगी कीमतें

जहाजों के सुरक्षित निकलने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमतों में नरमी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति श्रृंखला सुचारु बनी रहती है तो आने वाले दिनों में उर्वरकों की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है। वैश्विक बाजार में कीमतों में कमी आने का सीधा लाभ उन देशों को मिलेगा जो बड़ी मात्रा में उर्वरकों का आयात करते हैं। भारत भी दुनिया के प्रमुख उर्वरक आयातकों में शामिल है। ऐसे में कीमतों में गिरावट किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए राहत लेकर आ सकती है।

आगे पढ़िए: Paris में PM Modi की बड़ी बैठक! Saint-Gobain CEO Benoit Bazin से मुलाकात, निवेश और Innovation पर हुई चर्चा

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। मध्य पूर्व में किसी भी प्रकार का सैन्य या राजनीतिक तनाव इस मार्ग पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक बाजारों में भी चिंता का माहौल बना हुआ था। ऐसे में उर्वरक जहाजों का सुरक्षित निकलना व्यापार जगत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

खाद संकट टलने की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में समुद्री मार्ग सामान्य रूप से संचालित होते रहे तो भारत में खाद की उपलब्धता को लेकर किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है। वर्तमान स्थिति से यह संकेत मिल रहा है कि आयातित उर्वरकों की आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारु बनी रह सकती है। हालांकि, मध्य पूर्व की स्थिति पर अभी भी वैश्विक बाजार की नजर बनी हुई है। यदि क्षेत्रीय तनाव फिर बढ़ता है तो आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल जहाजों के सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य पार करने से भारत के कृषि क्षेत्र और उर्वरक बाजार को बड़ी राहत मिली है।

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