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अगर कर लेंगे ये उपाय, तो आप पर नहीं पड़ेगी शनिदेव की कुदृष्टि…

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शनिदेव की कुदृष्टि बचने के उपाय
शनिदेव की कुदृष्टि बचने के उपाय
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Edited by: Vandana Ravindra.

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक, शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, और वे किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मों के आधार पर प्रभाव डालते हैं। और इनकी कुदृष्टि व्यक्ति के जीवन में कई तरह की समस्याएं और परेशानियों का भी कारण बनती हैं।

शनि की कुदृष्टि से बचना जरुरी

कहते हैं कि, जब शनि अपनी कुदृष्टि डालते हैं, तो जीवन में आर्थिक समस्याएँ, पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती और महादशा का प्रभाव व्यक्ति को बहुत अधिक कठिनाई में डाल सकता है। लेकिन अगर व्यक्ति अपने कर्मों में सुधार कर लेता है तो वो शनि के कठोर प्रभाव से बच सकता है। और तो और सही दिशा में कोशिश करने पर शनिदेव उसे रंक से राजा बना सकते हैं। शनि का प्रभाव सकारात्मक या नकारात्मक दोनों रूपों में हो सकता है। लेकिन अच्छे और सही उपाय करने से शनि के प्रभाव को हल्का किया जा सकता है और शनिदेव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

हल्दी, लोहे का टुकड़ा, जले हुए कोयले से करें उपाय

अगर आप चाहते हैं कि, शनिदेव आपके ऊपर अपनी कृपा बरसाएं, आपके जीवन में सुख, समृद्धि, और शांति लाएं, तो आपको इसके लिए कुछ उपाय करें। जैसे हर शुक्रवार रात को चना पानी में भिगोकर रखें और शनिवार के दिन चने के साथ हल्दी, लोहे का टुकड़ा, जला हुआ कोयला एक काले कपड़े में बांध लें। फिर इस कपड़े को मछली के निवास वाली नदी या तालाब में प्रवाहित करें, इस उपाय को एक साल तक नियमित रूप से करना होगा।

काली गाय की पूजा करनी चाहिए

शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए काली गाय की पूजा करनी चाहिए। शनिवार के दिन नहाकर सबसे पहले गाय के माथे पर तिलक करें, उसकी पूजा-आरती करें और फिर गाय को लड्डू खिलाकर उसकी परिक्रमा करें। यह उपाय हर शनिवार करना चाहिए।

पीपल के पेड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। शनिवार को सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ की पूजा करें और सात परिक्रमा करें। हैं। मंदिर जाकर शनिदेव के चरणों में तेल अर्पित करें। ये लगातार 43 दिनों तक करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

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Ankur Bajpai
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