The Journalist News (Lucknow): जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत पाल शर्मा की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत की ओर से कोई समन नहीं मिला है, बल्कि केवल एक वकील का पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक महत्व का संकेत बताते हुए कहा कि भाजपा उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकती।
“मुझे कोई समन नहीं मिला”
मीडिया से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें अदालत की ओर से कोई समन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे कोई समन नहीं मिला है। मुझे केवल एक वकील का पत्र प्राप्त हुआ है।” उन्होंने आगे कहा कि वह इसे अपने लिए सम्मान की बात मानते हैं, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि वह एक ऐसी राजनीतिक ताकत हैं जिसे भाजपा नजरअंदाज नहीं कर सकती।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लड़ाई सीधे राजनीतिक मंच पर लड़ने के बजाय अदालतों का सहारा लेती है। उन्होंने कहा, “यह भाजपा के राजनीति करने के तरीके का प्रतीक है। वे राजनीतिक लड़ाइयों को अदालतों के पीछे छिपकर लड़ते हैं।” उनके इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर लगाए गए आरोपों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई महीनों से नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके नेतृत्व पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से लगातार निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से एक भाजपा नेता का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बार-बार बिना आधार के आरोप लगाते रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब उनकी पार्टी भी कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अब संबंधित भाजपा नेता और कुछ अन्य नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उनके अनुसार, यदि लगातार निराधार आरोप लगाए जाते हैं, तो उनका जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर भाजपा की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर राजनीतिक टकराव को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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