धराली के समीप स्थित खीरगंगा नदी में भीषण बाढ़ आने से गांव का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया हस्थानीय प्रशासन, SDRF, पुलिस और सेना की टीमों को मौके पर भेज दिया गया है,
कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार सुबह करीब 5 बजे के आसपास अचानक बादल फटने की आवाज सुनाई दी, जिसके कुछ ही मिनटों में खीरगंगा में पानी का भयंकर सैलाब उमड़ पड़ा, गांव की तरफ बहाव आते ही लोगों में चीख-पुकार मच गई,कई लोगों के पास संभलने का समय ही नहीं मिला।
गांव के कई होटल, दुकानें और घर पानी व मलबे की चपेट में आ गए,धराली बाजार पूरी तरह बर्बाद हो गया है,

घटना के वीडियो में नजर आया मंजर
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे कुछ ही सेकंड में सड़कों पर पानी और मलबा बहता चला आ रहा है, दुकानों और होटलों की दीवारें ताश के पत्तों की तरह गिरती दिख रही हैं।
मौके पर पहुंची टीमें, युद्धस्तर पर राहत-बचाव
जैसे ही सूचना मिली, प्रशासन सक्रिय हो गया। उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि SDRF, आर्मी, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल भटवाड़ी की ओर रवाना की गईं, गांव में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है,

बचाव कार्यों के लिए सेना की सहायता भी ली जा रही है, राहत कार्यों में बाधा ना आए, इसके लिए हर्षिल और धराली के बीच संपर्क मार्ग साफ किया जा रहा है,
नुकसान का आकलन
फिलहाल प्रशासन के अनुसार, 4 लोगों की मौत हो चुकी है, कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, कई होटल, दुकानें और घर पूरी तरह ढह चुके हैं,करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है,
गांव में बिजली और संचार व्यवस्था भी ठप हो गई है, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आ रही है,

बडकोट में अतिवृष्टि, बकरियां बह गईं
धराली की आपदा के अलावा, उत्तरकाशी की बडकोट तहसील क्षेत्र के बनाल पट्टी में भी भारी अतिवृष्टि हुई, मंगलवार सुबह भारी बारिश के कारण ‘कुड गदेरा’ उफान पर आ गया और इसमें करीब डेढ़ दर्जन बकरियां बह गईं, ग्रामीणों में दहशत का माहौल है,
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जल स्रोतों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है,
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के निदेशक रोहित थपलियाल ने जानकारी दी कि 10 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं, विशेषकर पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, चमोली और पिथौरागढ़ में तीव्र वर्षा का अनुमान है,
उन्होंने लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से बचने की सलाह दी है,
स्कूल बंद, अलर्ट जारी
राज्य सरकार ने सुरक्षा को देखते हुए मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली हादसे पर गहरा दुख जताया है, उन्होंने कहा:

“धराली की यह त्रासदी अत्यंत पीड़ादायक है, प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार की सभी एजेंसियां, SDRF, NDRF, सेना और जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं, मैं स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं,
हेलिकॉप्टर की मदद मांगी गई
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार से दो MI-17 हेलिकॉप्टर और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत-बचाव कार्यों के लिए भेजने का अनुरोध किया है,
ये हेलिकॉप्टर फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में मदद करेंगे,

स्थानीयों की आपबीती
एक चश्मदीद रमेश भट्ट ने बताया:
“सुभह जब नींद खुली तो सिर्फ पानी का शोर और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं, हमें कुछ भी समझ नहीं आया, कुछ ही देर में मलबा और पानी हमारे घर में घुस आया,
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें,
साथ ही, राज्य सरकार ने आपदा कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं, जिनसे कोई भी मदद के लिए संपर्क कर सकता है,
कंट्रोल रूम नंबर
- आपदा कंट्रोल रूम उत्तरकाशी: 01374-222261
- राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष: 0135-2710334
- SDRF हेल्पलाइन: 112
धराली में बादल फटने की यह घटना उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की एक और बड़ी परीक्षा बनकर उभरी है,प्रशासन की तत्परता, सेना और SDRF की मदद से कई जिंदगियां बचाई जा रही हैं, लेकिन यह साफ है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन को और मज़बूत करने की जरूरत है,
आगामी दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है,
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