Home उत्तर प्रदेश संभल स्टेडियम में बड़ा घोटाला या लापरवाही? 18 करोड़ की परियोजना पर लगा ब्रेक
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संभल स्टेडियम में बड़ा घोटाला या लापरवाही? 18 करोड़ की परियोजना पर लगा ब्रेक

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A large stadium under construction with two tall cranes and workers on the field.
Source: AI
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The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के संभल जिले में करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्टेडियम को लेकर बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन अब एक ऐसी खामी उजागर हुई है जिसने पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि स्टेडियम तक पहुंचने के लिए जिस रास्ते को परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में दर्शाया गया था, वह रेलवे की जमीन से होकर गुजरता है और इसके लिए रेलवे विभाग से कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इस खुलासे के बाद रेलवे ने संबंधित भूमि पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने के कारण स्टेडियम का शेष निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई है।

Unfinished two-story building under construction in an open field, with barbed-wire fencing in the background.
Source Screengrab

डीपीआर की खामी बनी बड़ी परेशानी

जानकारी के अनुसार, स्टेडियम निर्माण की योजना तैयार करते समय डीपीआर में पहुंच मार्ग का उल्लेख किया गया था। बाद में पता चला कि जिस मार्ग को दर्शाया गया है, वह रेलवे की भूमि पर स्थित है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब परियोजना तैयार की गई थी, तब संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और भूमि की स्थिति की जांच क्यों नहीं की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में डीपीआर सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। यदि उसमें ही त्रुटियां रह जाएं तो परियोजना के क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। संभल स्टेडियम का मामला भी कुछ ऐसा ही दिखाई दे रहा है।

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80 प्रतिशत निर्माण के बाद सामने आई समस्या

हैरानी की बात यह है कि स्टेडियम का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह विवाद सामने आया। अब रेलवे द्वारा रास्ता बंद किए जाने के कारण निर्माण सामग्री और मशीनरी की आवाजाही प्रभावित हो गई है। इससे परियोजना के समय पर पूरा होने की संभावना भी प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्टेडियम क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता था। लेकिन अब प्रशासनिक खामियों के कारण परियोजना अधर में लटकती नजर आ रही है।

रेलवे ने लगाया बैरिकेड

रेलवे विभाग ने अपनी भूमि की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी है। इसके बाद निर्माण कार्य लगभग रुक गया है। अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि स्टेडियम तक पहुंच के लिए वैकल्पिक मार्ग खोजा जाए या फिर रेलवे से आवश्यक अनुमति प्राप्त की जाए।

मंडलायुक्त ने दिए कार्रवाई के संकेत

मामले को लेकर मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि वे इस संबंध में संभल के जिलाधिकारी (डीएम) से बातचीत करेंगे। उन्होंने संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई और समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन अब इस बात की जांच कर सकता है कि डीपीआर तैयार करते समय यह चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल संभल का यह बहुप्रतीक्षित स्टेडियम परियोजना प्रशासनिक और तकनीकी खामियों के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजरें प्रशासन और रेलवे विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाता है और निर्माण कार्य कब दोबारा शुरू हो पाता है।

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