The Journalist News (Lucknow): भारतीय बैंकिंग प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच Reserve Bank of India (RBI) ने एक बड़ा नियामकीय कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने निर्देश दिया है कि जो बैंक अपने परिचालन में AI का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें एक “किल स्विच” (Kill Switch) व्यवस्था लागू करनी होगी। इसके साथ ही, AI आधारित निर्णयों की निगरानी के लिए मानव पर्यवेक्षण (Human Oversight) भी अनिवार्य किया जाएगा। RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI द्वारा किए गए किसी भी कार्य या निर्णय की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी।
क्या है ‘किल स्विच’?
‘किल स्विच’ एक ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होती है, जिसके माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर AI सिस्टम को तुरंत बंद या निष्क्रिय किया जा सकता है। यदि AI किसी तकनीकी गड़बड़ी, गलत निर्णय या साइबर खतरे की स्थिति पैदा करता है, तो बैंक तत्काल उसकी गतिविधियों को रोक सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यवस्था बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित और नियंत्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इंसानों की निगरानी होगी जरूरी
RBI ने कहा है कि केवल AI पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। सभी AI आधारित प्रक्रियाओं की निगरानी प्रशिक्षित मानव कर्मचारियों द्वारा की जाएगी, ताकि किसी भी गलत निर्णय या जोखिम की समय रहते पहचान की जा सके। इसका उद्देश्य ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रणाली में भरोसा बनाए रखना है।
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AI की गलती की जिम्मेदारी बैंक पर
RBI के निर्देशों के अनुसार, यदि AI किसी ग्राहक, लेनदेन या बैंकिंग प्रक्रिया में गलती करता है, तो उसकी जिम्मेदारी AI पर नहीं बल्कि संबंधित बैंक पर होगी। यानी बैंक यह नहीं कह सकेंगे कि गलती AI सिस्टम की थी। अंतिम जवाबदेही बैंक प्रबंधन की ही रहेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
हाल के वर्षों में बैंक ग्राहक सेवा, धोखाधड़ी की पहचान, ऋण मूल्यांकन, जोखिम विश्लेषण और डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाओं में AI का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। हालांकि इसके साथ डेटा सुरक्षा, एल्गोरिदम की पारदर्शिता और गलत निर्णयों का जोखिम भी बढ़ा है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए RBI ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि AI का उपयोग सुरक्षित, जिम्मेदार और नियंत्रित तरीके से किया जा सके।
ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
इन नए नियमों के लागू होने के बाद ग्राहकों को अधिक सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं मिलने की उम्मीद है। AI सिस्टम पर मानव निगरानी रहने से गलत फैसलों, तकनीकी त्रुटियों और साइबर जोखिमों को कम किया जा सकेगा। साथ ही, किसी भी विवाद की स्थिति में बैंक अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे, जिससे ग्राहकों के अधिकार और मजबूत होंगे।
बैंकिंग क्षेत्र में नई शुरुआत
विशेषज्ञों का मानना है कि AI का उपयोग भविष्य में और बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ मजबूत नियामकीय ढांचा भी जरूरी है। RBI का यह कदम भारत में जिम्मेदार AI (Responsible AI) के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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