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आगरा में गुजरात पुलिस का बड़ा एक्शन, 28 लाख की नकली करेंसी बरामद, हत्या मामले से जुड़े तार

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Group of police officers in khaki uniforms walking down a paved sidewalk together in an urban setting.
Source: X (Twitter)
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आगरा में गुजरात पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली करेंसी के कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। गुजरात के अहमदाबाद में हुए एक हत्या मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में दबिश देकर लाखों रुपये की नकली करेंसी और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब नकली नोटों के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार गुजरात पुलिस की एक टीम ने आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र स्थित मेहरा चौधरी गांव में छापेमारी की। यह कार्रवाई अहमदाबाद के वटवा क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर की गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आगरा पहुंची और यहां संदिग्ध ठिकाने पर कार्रवाई की।

घर से मिली 28 लाख रुपये की नकली करेंसी

पुलिस की छापेमारी के दौरान एक घर से करीब 28 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की गई। इसके अलावा मौके से लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस स्थान का इस्तेमाल लंबे समय से नकली नोट तैयार करने के लिए किया जा रहा था। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोटों की छपाई का नेटवर्क कितना बड़ा था और किन-किन क्षेत्रों तक इसकी पहुंच थी।

हत्या मामले की जांच में सामने आया नेटवर्क

बताया जा रहा है कि अहमदाबाद के वटवा क्षेत्र में हुए हत्या मामले की जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आगरा स्थित ठिकाने का पता चला। इसके बाद गुजरात पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या और नकली करेंसी नेटवर्क के बीच कुछ अहम कड़ियां हो सकती हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच जारी है और कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

गिरोह के सदस्यों के नाम आए सामने

पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी चन्द्रमोहन और वीरेंद्र उर्फ वीरा का नाम सामने आया है। दोनों को कथित रूप से गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नकली नोटों का वितरण किस स्तर पर किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हो सकते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावना को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं।

लैपटॉप और प्रिंटर से मिल सकते हैं अहम सुराग

छापेमारी के दौरान बरामद लैपटॉप और प्रिंटर जांच का अहम आधार बन सकते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इन उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा से नकली नोटों की डिजाइन, प्रिंटिंग पैटर्न और वितरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल उपकरणों की जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि नकली नोटों की छपाई स्थानीय स्तर पर हो रही थी या फिर किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।

नकली करेंसी के नेटवर्क को लेकर बढ़ी चिंता

देश में समय-समय पर नकली नोटों के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों तक पहुंचना होती है जो नकली मुद्रा को बाजार में खपाने का काम करते हैं। आगरा में हुई यह कार्रवाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली करेंसी केवल आर्थिक अपराध नहीं है बल्कि यह देश की वित्तीय व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध भी है। इसलिए इस तरह के मामलों में गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की जाती है।

स्थानीय स्तर पर भी जुटाई जा रही जानकारी

गुजरात पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी जांच तेज कर दी गई है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध गतिविधियां कब से चल रही थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इलाके के अन्य लोग भी इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। बड़ी मात्रा में नकली करेंसी की बरामदगी ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है।

कई राज्यों तक फैल सकता है नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल आगरा या अहमदाबाद तक सीमित नहीं हो सकता। गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां विभिन्न राज्यों की पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस लगातार संदिग्धों की गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

जांच जारी, पुलिस को और खुलासों की उम्मीद

फिलहाल गुजरात पुलिस और स्थानीय एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। बरामद नकली नोटों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। आगरा में हुई यह कार्रवाई न केवल हत्या मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, बल्कि नकली करेंसी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस अब पूरे गिरोह और उसके संपर्कों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

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