Home उत्तर प्रदेश घूसखोरी के आरोप में बड़ी कार्रवाई, हरदोई के दो अधिशासी अधिकारी निलंबित
उत्तर प्रदेश

घूसखोरी के आरोप में बड़ी कार्रवाई, हरदोई के दो अधिशासी अधिकारी निलंबित

Share
Two people pictured on a news banner with a red Hindi ticker at the bottom about corruption and suspension of two officials from Hardoi, watermark reads 'The Journalist News'. The image blends close-ups of a man on the left and a woman on the right.
Source: News18
Share

The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में एक बड़ा कदम उठाया गया है। निदेशक नगर निकाय अनुज झा ने हरदोई जनपद में तैनात दो अधिशासी अधिकारियों को घूसखोरी के मामले में निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद नगर निकाय विभाग में हड़कंप मच गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में कृष्ण कुमार सोनकर और नीलाव शल्या शामिल हैं। दोनों अधिकारियों पर रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति

प्रदेश सरकार लगातार सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई भी उसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है। नगर निकाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

हरदोई में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

दो अधिशासी अधिकारियों के निलंबन की खबर सामने आने के बाद हरदोई जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय निकायों से जुड़े लोगों और कर्मचारियों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा हो रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से सरकारी कर्मचारियों के बीच स्पष्ट संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार के मामलों में विभाग अब पहले से अधिक सख्ती बरत रहा है।

आगे पढ़िए: मुंबई में गहराया जल संकट, सिर्फ एक महीने का बचा पानी, प्रशासन ने लगाए कड़े प्रतिबंध

विभागीय जांच की भी संभावना

सूत्रों के अनुसार, निलंबन के साथ-साथ मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी कराई जा सकती है। जांच के दौरान आरोपों से संबंधित सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं जांच प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को अपने पद से दूर रखा जाएगा।

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

नगर निकाय विभाग लगातार कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा है। विभाग का मानना है कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से जनता का भरोसा बढ़ता है और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होती है। अधिकारियों का कहना है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार पाए जाने पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

साफ संदेश: भ्रष्टाचार पर नहीं होगी कोई नरमी

निदेशक नगर निकाय अनुज झा द्वारा की गई यह कार्रवाई विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखी जा रही है। सरकार और विभाग दोनों ही भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। हरदोई के दोनों अधिशासी अधिकारियों के निलंबन से यह संकेत मिला है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर किसी भी अधिकारी को राहत नहीं दी जाएगी।

author avatar
Sanskriti Tyagi
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles