The Journalist News (Lucknow): भारतीय सिनेमा में निर्देशक इम्तियाज अली की पहचान हमेशा उन कहानियों के लिए रही है जो सफर, प्रेम और आत्म-खोज के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उनकी फिल्मों में किरदार अक्सर अपनी पहचान, अपने अस्तित्व और अपने दिल की आवाज़ की तलाश में भटकते दिखाई देते हैं। लेकिन उनकी नई फिल्म ‘Main Vaapas Aaunga’ इन सभी विषयों को एक नए और अधिक भावनात्मक स्तर पर ले जाती है। यह फिल्म केवल एक व्यक्ति की प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि उन यादों, रिश्तों और मानवीय मूल्यों की कहानी है जिन्हें समय और परिस्थितियों के साथ भुलाया जा रहा है।
95 वर्षीय कीनू की भावुक यात्रा
फिल्म की कहानी 95 वर्षीय कीनू के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार दिग्गज अभिनेता Naseeruddin Shah ने निभाया है। कीनू अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा एक ऐसा इंसान है जो अपने खोए हुए प्यार, अपने बीते हुए समय और अपनी पुरानी दुनिया को फिर से जीना चाहता है। उसकी यादों में बसा अविभाजित पंजाब का संसार बार-बार उसे अपनी ओर खींचता है। सरसों के खेत, पुरानी गलियां और बीते रिश्ते उसके जीवन का अभिन्न हिस्सा बने रहते हैं। इम्तियाज अली की फिल्मों की तरह यहां भी प्रकृति और स्थान केवल पृष्ठभूमि नहीं हैं, बल्कि वे कहानी के महत्वपूर्ण पात्र बन जाते हैं।
प्रेम जो समय से भी बड़ा है
फिल्म में युवा कीनू का किरदार Vedang Raina ने निभाया है, जबकि अफसाना के रूप में Sharvari नजर आती हैं। कीनू और अफसाना की प्रेम कहानी फिल्म की आत्मा है। यह प्रेम केवल दो लोगों के बीच का रिश्ता नहीं बल्कि उस दौर की पहचान है जिसमें विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते थे। इम्तियाज अली की फिल्मों में प्रेम हमेशा एक गहरे भावनात्मक अनुभव के रूप में सामने आता है और इस फिल्म में भी यही देखने को मिलता है।

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याददाश्त खोने की समस्या बनी बड़ा प्रतीक
फिल्म का सबसे प्रभावशाली पक्ष कीनू की याददाश्त का कमजोर होना है। वह धीरे-धीरे अपने अतीत को भूलता जा रहा है, लेकिन अफसाना की यादों को बचाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। यह केवल एक व्यक्ति की बीमारी नहीं दिखाता बल्कि समाज के उस बदलाव की ओर भी संकेत करता है जिसमें लोग अपने इतिहास, मानवीय मूल्यों और साझा विरासत को भूलते जा रहे हैं। फिल्म यह सवाल उठाती है कि यदि यादें खत्म हो जाएं तो क्या हमारी पहचान भी खत्म हो जाती है?
इम्तियाज अली का बदला हुआ नजरिया

‘Rockstar’, ‘Tamasha’, ‘Highway’ और ‘Love Aaj Kal’ जैसी फिल्मों में इम्तियाज अली ने सफर को आत्म-खोज का माध्यम बनाया था। लेकिन ‘Main Vaapas Aaunga’ में उनका नजरिया थोड़ा अलग दिखाई देता है। यहां किरदार कहीं जाने की बजाय वापस लौटना चाहता है। वह अपनी जड़ों, अपनी पहचान और अपने अतीत को फिर से महसूस करना चाहता है। यही बदलाव इस फिल्म को इम्तियाज अली की सबसे परिपक्व फिल्मों में शामिल करता है।
व्यक्तिगत कहानी से सामाजिक संदेश तक
फिल्म की शुरुआत एक व्यक्तिगत प्रेम कहानी की तरह होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह समाज और देश के बड़े सवालों तक पहुंच जाती है। कीनू की यादें केवल अफसाना तक सीमित नहीं हैं। वह उस दौर को भी याद रखना चाहता है जब लोगों के बीच रिश्ते नफरत से अधिक मजबूत थे। फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या एक समाज अपनी साझा विरासत को बचाए रख सकता है या वह विभाजन और अविश्वास की राजनीति में खो जाएगा।
क्यों खास है ‘Main Vaapas Aaunga’?
‘Main Vaapas Aaunga’ प्रेम, स्मृति और पहचान के विषयों को बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करती है। फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती है और साथ ही कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्न भी उठाती है। नसीरुद्दीन शाह का दमदार अभिनय, इम्तियाज अली का संवेदनशील निर्देशन और कहानी की गहराई इसे एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनाती है। यह फिल्म केवल अतीत को याद करने की कोशिश नहीं करती, बल्कि यह भी पूछती है कि क्या हम अपने वर्तमान को समझने के लिए अपनी पुरानी यादों को बचाकर रख पाएंगे।
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