The Journalist News (Lucknow): लखनऊ के मोहनलालगंज कस्बे और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन के कथित दुरुपयोग और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कई भवनों में घरेलू (आवासीय) बिजली कनेक्शन लेकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई इमारतों में आवासीय बिजली कनेक्शन के बावजूद कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, अस्पताल, क्लीनिक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो इससे बिजली राजस्व के साथ-साथ सुरक्षा और नियामकीय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
व्यावसायिक उपयोग के आरोप
क्षेत्र के निवासियों का दावा है कि कई भवनों का उपयोग पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, लेकिन बिजली कनेक्शन अब भी घरेलू श्रेणी में हैं। आमतौर पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग श्रेणी के बिजली कनेक्शन की आवश्यकता होती है, जिन पर अलग टैरिफ लागू होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी भवन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिजली कनेक्शन और बिलिंग नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

फायर एनओसी को लेकर भी सवाल
आरोप केवल बिजली कनेक्शन तक सीमित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बहुमंजिला इमारतों में बड़ी संख्या में किरायेदार रह रहे हैं या व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन वहां अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) और आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ भवनों में आग बुझाने के यंत्र, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का भी समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
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सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी भवन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, तो वहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच और निरीक्षण होना चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करे कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा प्रमाणपत्र उपलब्ध हों।
जांच की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन भवनों में नियमों का उल्लंघन पाया जाए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि बिजली कनेक्शन की श्रेणी, फायर एनओसी, भवन उपयोग और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने आती है, तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा। फिलहाल, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच की मांग की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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