उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बृहस्पतिवार को सक्रिय हुए एक हल्के पश्चिमी विक्षोभ ने प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल दिया। इसके प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि इस बदलाव के बावजूद तापमान में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 21 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 42 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, कई जिलों में बारिश
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बृहस्पतिवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिला। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक कई जिलों में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। बारिश की बात करें तो गोरखपुर में सबसे अधिक 21.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बाराबंकी, सीतापुर, प्रयागराज, मेरठ और अलीगढ़ समेत कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। अचानक बदले मौसम से लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तापमान में उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई।
गर्मी का असर अब भी बरकरार
मौसम में बदलाव के बावजूद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का प्रकोप जारी है। बृहस्पतिवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा वाराणसी में 42 डिग्री सेल्सियस, झांसी में 41.9 डिग्री सेल्सियस और बहराइच में 40.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इन जिलों में दिन के समय लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ या मानसूनी गतिविधि सक्रिय नहीं होती, तब तक तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 21 जिलों में तेज आंधी की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन 21 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं—
- बांदा
- चित्रकूट
- कौशांबी
- प्रयागराज
- फतेहपुर
- प्रतापगढ़
- सोनभद्र
- मिर्जापुर
- चंदौली
- वाराणसी
- भदोही
- जौनपुर
- गाजीपुर
- आगरा
- फिरोजाबाद
- इटावा
- जालौन
- हमीरपुर
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
इन जिलों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
42 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
आंधी प्रभावित जिलों के अलावा प्रदेश के 42 अन्य जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का दायरा व्यापक नहीं होगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और बादलों की गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
क्या बोले मौसम वैज्ञानिक?
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आंधी और छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्रणाली बहुत मजबूत नहीं है, इसलिए तापमान में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। हालांकि बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है।
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
मौसम में आए इस बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में फसल कटाई या भंडारण का कार्य चल रहा है, वहां तेज हवाएं और बारिश नुकसान पहुंचा सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, लंबे समय से गर्मी और शुष्क मौसम का सामना कर रहे क्षेत्रों में हल्की बारिश कृषि के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से आंधी के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने को कहा गया है। वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने और खराब दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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