The Journalist News (Lucknow): भारत की मशहूर पार्श्व गायिका Alka Yagnik को राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह का यह पल न केवल अलका याज्ञनिक के लिए, बल्कि उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए भी बेहद भावुक और प्रेरणादायक साबित हुआ। चार दशक से अधिक समय से अपनी सुरीली आवाज़ से लोगों के दिलों पर राज करने वाली अलका याज्ञनिक ने भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण को प्राप्त कर अपने लंबे और शानदार संगीत सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली।
व्हीलचेयर पर पहुंचीं, लेकिन सम्मान लेने खुद खड़ी हुईं
समारोह के दौरान अलका याज्ञनिक व्हीलचेयर पर राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। हाल के महीनों में वह एक दुर्लभ श्रवण (सुनने) संबंधी बीमारी से जूझ रही हैं, जिसके कारण उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों और पेशेवर गतिविधियों से दूरी बनानी पड़ी थी। हालांकि जब सम्मान ग्रहण करने का क्षण आया तो अलका याज्ञनिक व्हीलचेयर से उठीं और स्वयं चलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्म भूषण सम्मान प्राप्त किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों और देशभर में कार्यक्रम देख रहे प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा।

दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं अलका याज्ञनिक
अलका याज्ञनिक सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं। यह ऐसी स्थिति होती है जिसमें कान के अंदरूनी हिस्से या श्रवण तंत्रिका को नुकसान पहुंचता है, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। अलका याज्ञनिक ने पहले बताया था कि एक वायरल संक्रमण के बाद उन्हें अचानक महसूस हुआ कि उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा था कि एक उड़ान से उतरने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह ठीक तरह से सुन नहीं पा रही हैं।
लंबे समय तक रहीं सार्वजनिक जीवन से दूर
इस स्वास्थ्य समस्या के कारण अलका याज्ञनिक को लंबे समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों और पेशेवर प्रतिबद्धताओं से दूरी बनानी पड़ी। उनके प्रशंसक लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। पद्म भूषण सम्मान मिलने के बाद अलका याज्ञनिक ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद विनम्र और गर्व का क्षण है।
चार दशक का शानदार संगीत सफर
अलका याज्ञनिक भारतीय संगीत जगत की सबसे लोकप्रिय और सफल पार्श्व गायिकाओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा को अनेक यादगार गीत दिए हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनके चर्चित गीतों में Ek Do Teen, Agar Tum Saath Ho, Taal Se Taal Mila और Kuch Kuch Hota Hai जैसे गीत शामिल हैं।
कई बड़े पुरस्कारों से हो चुकी हैं सम्मानित
अलका याज्ञनिक को अपने करियर में दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी आवाज़ ने 1990 और 2000 के दशक के बॉलीवुड संगीत को नई पहचान दी और उन्हें भारतीय संगीत इतिहास की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में शामिल किया। पद्म भूषण सम्मान के साथ अब उनके नाम एक और प्रतिष्ठित उपलब्धि जुड़ गई है, जो भारतीय संगीत जगत में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान है।
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