The Journalist News Lucknow: लखनऊ एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कंप, दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E-2111 रोकी गई। राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-2111 में बम होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित विभाग तत्काल हरकत में आ गए। एहतियात के तौर पर विमान को रोका गया और उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। विमान और उसमें मौजूद सामान की गहन जांच शुरू कर दी गई, जिससे उड़ान संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे यात्री
जानकारी के अनुसार फ्लाइट में सवार यात्रियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट परिसर में खड़ी बसों में बैठाया गया। यात्रियों का आरोप है कि वे लगभग चार घंटे तक बसों में बैठे रहे और उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि जांच प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। लगातार बढ़ती गर्मी और अनिश्चितता के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ती गई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और उड़ान से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी।

वरिष्ठ अधिकारी भी रहे प्रभावित
बताया जा रहा है कि फ्लाइट में कई वरिष्ठ अधिकारी भी यात्रा कर रहे थे। इनमें आईपीएस अधिकारी डॉ. बी.पी. अशोक का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से सभी यात्रियों को समान रूप से जांच प्रक्रिया पूरी होने तक रोककर रखा गया। यात्रियों का कहना है कि सुरक्षा जांच आवश्यक है, लेकिन लंबे समय तक इंतजार और सीमित सुविधाओं के कारण स्थिति काफी असहज हो गई थी।
विमान से उतारा गया पूरा सामान
बम की सूचना को गंभीरता से लेते हुए विमान में रखा गया यात्रियों का पूरा सामान भी बाहर निकाल लिया गया। एयरपोर्ट परिसर में बैग, सूटकेस और अन्य सामान को अलग-अलग रखकर उनकी जांच शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के अंदर, कार्गो सेक्शन और यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की। किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करने के उद्देश्य से जांच प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर चलाया गया।
जांच में देरी से बढ़ी मुश्किलें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच प्रक्रिया में अपेक्षा से अधिक समय लगा। कुछ यात्रियों का आरोप था कि सीमित संसाधनों और जांच प्रक्रिया की धीमी गति के कारण देरी हुई। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। यात्रियों का कहना था कि गर्म मौसम में लंबे समय तक इंतजार करना मुश्किल हो गया था। कई लोगों ने पानी और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था न होने की भी शिकायत की।
गर्मी, भूख और प्यास से परेशान दिखे यात्री
घटना के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद कई यात्री गर्मी और लंबी प्रतीक्षा के कारण परेशान नजर आए। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई। कुछ लोगों की आगे की यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं
हवाई यात्रा से जुड़े मामलों में बम की सूचना को बेहद गंभीर माना जाता है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर पूरी सतर्कता बरतती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसी वजह से विमान, यात्रियों और सामान की पूरी तरह जांच किए बिना उड़ान को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाती। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेती हैं।
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