The Journalist News Lucknow: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार सुबह 45 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस सेवा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री ने सुबह 9:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
नोएडा और लखनऊ को मिली नई इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन विभाग के अनुसार कुल 45 इलेक्ट्रिक बसों को सेवा में शामिल किया गया है। इनमें 11 बसें लखनऊ में संचालित की जाएंगी, जबकि 34 बसें नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चलेंगी। पहले चरण में लगभग 30 से 35 बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। शेष बसों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर संचालित किया जाएगा। इन बसों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
जेवर एयरपोर्ट तक यात्रियों को मिलेगी सुविधा
नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का सबसे बड़ा लाभ नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के यात्रियों को मिलने वाला है। इन बसों के जरिए यात्रियों को जेवर स्थित बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख आवासीय इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।
शोर और धुएं से मिलेगी राहत
इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें पारंपरिक डीजल या पेट्रोल बसों की तुलना में ध्वनि और वायु प्रदूषण बेहद कम होता है। इन बसों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और शहरों में प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। यही कारण है कि राज्य सरकार लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है।
नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी हुआ शुभारंभ
इलेक्ट्रिक बस सेवा के साथ-साथ नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी उद्घाटन किया गया। यह डिपो बसों के संचालन, चार्जिंग और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। नए डिपो के शुरू होने से इलेक्ट्रिक बसों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को नियमित एवं बेहतर सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने पर यह डिपो महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में कई मंत्री रहे मौजूद
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री Dayashankar Singh भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा कार्यक्रम में वरिष्ठ मंत्री Suresh Khanna और Nand Gopal Gupta Nandi भी शामिल हुए। सभी ने इस पहल को प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुलभ, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। इससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण का लाभ भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल भविष्य में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में अन्य शहरों में भी ऐसी सेवाओं का विस्तार किए जाने की संभावना है।
हरित और आधुनिक उत्तर प्रदेश की ओर कदम
इलेक्ट्रिक बसों का संचालन केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त यात्रा उपलब्ध कराना है। 45 नई इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ के साथ उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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