Edited by: Vandana Ravindra.
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 लोकसभा में पारित कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान लोकसभा में राष्ट्रवादी के दो सांसदों के गायब रहने राज्यसभा में शरद पवार के खुद गायब रहने पर उनकी भूमिका को लेकर असमंजस की स्थिति बन गयी है।
दरअसल, एक दिन पहले केन्द्र की तरफ से वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया और चर्चा के बाद देर रात विधेयक लोकसभा में पारित हो गया। लेकिन लोकसभा में इस विधेयक पर मतदान के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद अमोल कोल्हे और शरद चंद्र पवार की पार्टी के सुरेश बाल्या मामा म्हात्रे सदन से गायब दिखे हे। इसी तरह, सांसद सुरेश म्हात्रे वक्फ संशोधन विधेयक के संबंध में गठित जेपीसी समिति के सदस्य थे, लेकिन उन्होंने किसी भी बैठक में भाग नहीं लिया।
दूसरी ओर, अजित पवार गुट के मुस्लिम नेताओं में वैचारिक समस्या पैदा हो गयी है। प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में मतदान करने के बाद मुस्लिम नेता मुश्किल में पड़ गए हैं। समाज सेक्युलर विचारधारा को आगे बढ़ने की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ़ अल्पसंख्यक के साथ जब खड़े रहने की बारी आई तब पार्टी अध्यक्ष ने वक्फ बिल का समर्थन क्यों किया, ऐसे सवाल पार्टी के ही अल्पसंख्यक नेता उपस्थित कर रहे हैं।
Leave a comment