Home राष्ट्रीय PM मोदी के भरोसेमंद पूर्व नौकरशाह तरुण कपूर को बड़ी जिम्मेदारी, एक साल का सेवा विस्तार मंजूर
राष्ट्रीय

PM मोदी के भरोसेमंद पूर्व नौकरशाह तरुण कपूर को बड़ी जिम्मेदारी, एक साल का सेवा विस्तार मंजूर

Share
An older Indian man with white hair and beard wearing a brown sleeveless coat over a white kurta, seated at a desk in a formal setting, looking to the side.
Source: BBC
Share

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय पूर्व नौकरशाह और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तरुण कपूर को एक बार फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। गुरुवार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में उनके कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इस फैसले के साथ ही तरुण कपूर आने वाले समय में भी प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार की नीतिगत प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में उनका नया कार्यकाल 10 जून 2026 से प्रभावी होगा। सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक और नीतिगत निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण फैसला

कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा लिया गया यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, हरित ऊर्जा और आर्थिक विकास से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों पर तेजी से काम कर रही है। प्रशासनिक अनुभव और नीतिगत समझ के कारण तरुण कपूर को प्रधानमंत्री का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका केवल सलाहकार तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वे कई महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों में मार्गदर्शन भी देते रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें लगातार दूसरी बार सेवा विस्तार देने का फैसला किया गया।

कौन हैं तरुण कपूर?

तरुण कपूर हिमाचल प्रदेश कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे हैं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी पहचान एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी अधिकारी और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ के रूप में रही है। प्रशासनिक हलकों में उन्हें विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए जाना जाता है। अपने करियर के दौरान उन्होंने नीति निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

क्यों कहा जाता है ‘सोलर मैन’?

तरुण कपूर को प्रशासनिक गलियारों में ‘सोलर मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पहचान उन्हें सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में किए गए कार्यों के कारण मिली। ऊर्जा क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली कई नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों में उनका योगदान अक्सर चर्चा का विषय रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में जो तेजी आई है, उसमें कई अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ तरुण कपूर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

पेट्रोलियम सचिव के रूप में निभाई अहम भूमिका

तरुण कपूर नवंबर 2021 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सचिव के रूप में उनके कार्यकाल को ऊर्जा क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान देश ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में कई चुनौतियों का सामना किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच उन्होंने मंत्रालय के कामकाज को प्रभावी ढंग से संभाला। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि उनकी प्रशासनिक क्षमता और विषय की गहरी समझ ने उन्हें केंद्र सरकार के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल किया।

सेवानिवृत्ति के बाद भी बनी रही अहम भूमिका

अक्सर देखा जाता है कि वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद सक्रिय प्रशासनिक जिम्मेदारियों से दूर हो जाते हैं। लेकिन तरुण कपूर का मामला इससे अलग रहा। सेवानिवृत्ति के बाद भी केंद्र सरकार ने उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ लेने का फैसला किया। इसी क्रम में उन्हें प्रधानमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। अब उनके कार्यकाल को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को अभी भी महत्वपूर्ण मानती है।

प्रधानमंत्री कार्यालय में क्यों अहम हैं तरुण कपूर?

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्थाओं में से एक माना जाता है। यहां नियुक्त सलाहकारों की भूमिका नीतियों के मूल्यांकन, योजनाओं की निगरानी और विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण होती है। तरुण कपूर का लंबा प्रशासनिक अनुभव, ऊर्जा क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने का अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर उनकी समझ प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए उपयोगी साबित होती है।

प्रशासनिक जगत में मजबूत पहचान

तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान तरुण कपूर ने एक ईमानदार और परिणाम आधारित अधिकारी की छवि बनाई है। विभिन्न सरकारों के साथ काम करते हुए उन्होंने अपनी पेशेवर कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। उनके सहयोगियों के अनुसार, वे जटिल प्रशासनिक चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि उन्हें सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों और नीतिगत प्रक्रियाओं में लगातार शामिल किया जाता रहा है।

क्या संकेत देता है यह सेवा विस्तार?

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी वरिष्ठ अधिकारी को सेवा विस्तार देना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह सरकार के भरोसे और उनकी उपयोगिता का भी संकेत होता है। तरुण कपूर को मिला यह एक साल का विस्तार बताता है कि केंद्र सरकार उनकी सेवाओं और अनुभव को आगे भी महत्वपूर्ण मान रही है। खासतौर पर ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और रणनीतिक क्षेत्रों में उनकी समझ सरकार के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

आगे पढ़िए: UP Weather Alert: मौसम विभाग का बड़ा खुलासा, इस विक्षोभ ने बदला मौसम का मिजाज; 21 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट

author avatar
Sanskriti Tyagi
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles
Rows of red LPG gas cylinders labeled 5 kg on warehouse shelves in storage racks.
राष्ट्रीय

5 किलो LPG सिलेंडर पर बढ़ी महंगाई, क्या गरीबों के साथ हो रहा अन्याय?

भारत में रसोई गैस केवल एक ईंधन नहीं बल्कि करोड़ों परिवारों की...